राइड-हेलिंग कंपनी Uber ने भविष्य की परिवहन व्यवस्था को बदलने की दिशा में बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ड्राइवरलेस मोबिलिटी यानी बिना इंसानी ड्राइवर वाली टैक्सी सेवा को बड़े स्तर पर शुरू करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Uber आने वाले वर्षों में 10 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने की योजना बना रही है और दुनियाभर में करीब 1.2 लाख Robotaxi तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी का उद्देश्य 2026 के दौरान कई बड़े शहरों में ऑटोनॉमस टैक्सी सेवा शुरू करना है।
Robotaxi देखने में सामान्य कारों जैसी होती हैं, लेकिन इनके अंदर लगी अत्याधुनिक तकनीक इन्हें खुद से चलने में सक्षम बनाती है। इन वाहनों में LiDAR, Radar, हाई-रेजॉल्यूशन कैमरे, GPS और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाते हैं। ये सभी उपकरण मिलकर वाहन के आसपास के वातावरण की लगातार निगरानी करते हैं और सड़क, ट्रैफिक सिग्नल, पैदल यात्रियों, दूसरी गाड़ियों और संभावित बाधाओं की पहचान करते हैं।
AI सिस्टम इन सेंसर से मिलने वाले डेटा को तुरंत प्रोसेस करता है और कुछ ही क्षणों में ड्राइविंग से जुड़े फैसले लेता है। वाहन को कब रोकना है, कितनी गति से चलना है, किस दिशा में मुड़ना है या किसी खतरे से कैसे बचना है, ये सभी निर्णय सॉफ्टवेयर खुद लेता है। यही तकनीक Robotaxi को बिना किसी मानव चालक के सड़क पर चलने योग्य बनाती है।
हालांकि, वर्तमान समय में ऑटोनॉमस गाड़ियां हर जगह नहीं चलाई जातीं। इन्हें पहले से तय और मैप किए गए क्षेत्रों में संचालित किया जाता है, जिन्हें Geofenced Area कहा जाता है। इन क्षेत्रों का हाई-डेफिनिशन डिजिटल मैप तैयार किया जाता है, जिससे वाहन को सड़क की स्थिति, लेन और ट्रैफिक व्यवस्था की बेहतर जानकारी मिलती है।
Uber इस तकनीक को अकेले विकसित नहीं कर रही है। कंपनी ऑटोनॉमस व्हीकल टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली कई कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है। इन साझेदारियों के माध्यम से Uber अपने प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरलेस वाहनों को जोड़कर बड़े स्तर पर Robotaxi नेटवर्क तैयार करना चाहती है।
फिलहाल कंपनी ने मानव ड्राइवरों को पूरी तरह हटाने की कोई घोषणा नहीं की है। शुरुआती दौर में Robotaxi सीमित शहरों और चुनिंदा मार्गों पर ही चलाई जाएंगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जगहों पर वाहन संचालन की निगरानी के लिए अतिरिक्त व्यवस्था भी रखी जा सकती है।
भविष्य में यदि यह तकनीक सुरक्षित, भरोसेमंद और आर्थिक रूप से सफल साबित होती है, तो एयरपोर्ट, बिजनेस हब और शहरों के व्यस्त इलाकों में ड्राइवरलेस टैक्सी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि इससे पारंपरिक ड्राइवर नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका भी है, लेकिन दूसरी ओर वाहन निगरानी, तकनीकी रखरखाव, चार्जिंग और ऑटोनॉमस फ्लीट मैनेजमेंट जैसे नए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।