रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राज्य के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में उन्होंने ब्रांड का लोगो और कैटलॉग भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्लोबल पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा, “कोशल फैब के माध्यम से हमारे पारंपरिक हथकरघा, कोसा सिल्क और बस्तर की बुनाई को नई पहचान और बाजार मिलेगा।”
10.90 करोड़ की सहायता वितरित
समारोह में मुख्यमंत्री ने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी तथा माटीकला बोर्ड के हितग्राहियों और मेधावी छात्र-छात्राओं को 10.90 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि एवं पुरस्कार वितरित किए।
हवाई अड्डों पर शोरूम खोलने की घोषणा
सीएम साय ने घोषणा की कि राज्य के हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए देश के पांच प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प के शोरूम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही रायपुर में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल में भी स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता दी जाएगी।
स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉल्स पर प्रदर्शित कोसा सिल्क, खादी, हस्तशिल्प एवं अन्य पारंपरिक उत्पादों को देखा। उन्होंने कारीगरों से संवाद किया, उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और रोजगार संभावनाओं की जानकारी ली। सीएम ने खुद हथकरघा स्टॉल से साड़ी खरीदकर बुनकरों और शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस
उल्लेखनीय है कि स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी।
इस अवसर पर बुनकरों, शिल्पकारों और हथकरघा क्षेत्र से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। ‘कोशल फैब’ ब्रांड के लॉन्च से छत्तीसगढ़ के हथकरघा उद्योग को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।