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जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 39 लोगों की मौत….

by desk

टोक्यो: जापान के क्यूशू द्वीप स्थित कुमामोटो क्षेत्र में 28 जुलाई 2026 को आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.1 थी और इसका केंद्र करीब 15 किलोमीटर की गहराई में था। कुमामोटो के उकि शहर और हिकावा कस्बे में जापानी भूकंपीय पैमाने पर अधिकतम 7 की तीव्रता दर्ज की गई।

भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, सड़कें टूट गईं और कई जगहों पर ढांचे ढह गए। कुमामोटो के काशिमा इलाके में एक शॉपिंग मॉल का हिस्सा भी ढह गया। इसके अलावा यत्सुशिरो में एक फैक्ट्री की चिमनी गिरने से भी बड़ा हादसा हुआ।

39 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल

भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। 18 अगस्त 2026 तक उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार 39 लोगों की मौत हुई है, जबकि 28 लोग गंभीर रूप से घायल और 334 लोग मामूली रूप से घायल बताए गए हैं।

कुमामोटो प्रांत में बड़ी संख्या में मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1,474 मकान पूरी तरह नष्ट, 1,406 आधे ढहे और 12,741 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी

तेज भूकंप के बाद समुद्र में सुनामी की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने चेतावनी जारी की थी। करीब 1 मीटर तक की सुनामी लहरों की आशंका जताई गई और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई। बाद में स्थिति का आकलन करने के बाद यह चेतावनी हटा दी गई।

मॉल में विस्फोट के बाद मची अफरा-तफरी

कुमामोटो के काशिमा इलाके में एक शॉपिंग मॉल में भूकंप के बाद विस्फोट हुआ और इमारत का हिस्सा ढह गया। शुरुआती रिपोर्टों में गैस रिसाव की आशंका जताई गई थी। राहत दलों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया।

भूकंप का असर औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ा। कुछ बड़ी कंपनियों ने सुरक्षा जांच के लिए अपने क्षेत्रीय संयंत्रों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। बिजली आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

सड़कों से लेकर रेल और हवाई सेवा तक प्रभावित

भूकंप के कारण कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और यातायात बाधित हुआ। कुछ रेल सेवाओं को रोकना पड़ा, जबकि कुमामोटो क्षेत्र की हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा। कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी हुई।

जापान सरकार ने पुलिस, दमकल विभाग और सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज की टीमों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया। प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया गया।

आफ्टरशॉक्स ने बढ़ाई चिंता

मुख्य भूकंप के बाद भी क्षेत्र में लगातार झटके महसूस किए गए। जापान के Earthquake Research Committee के अनुसार 29 जुलाई दोपहर तक कम से कम 194 ऐसे भूकंपीय झटके दर्ज किए जा चुके थे, जिनकी जापानी भूकंपीय तीव्रता 1 या उससे अधिक थी। समिति ने बड़े आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए लोगों को करीब एक सप्ताह तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी थी।

USGS और जापान के आंकड़ों में अंतर

भूकंप की तीव्रता को लेकर अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर भी सामने आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इसे M7.1 बताया, जबकि अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) ने बाद में इसकी तीव्रता 6.8 आंकी। जापानी आधिकारिक रिकॉर्ड में इस घटना को 2026 Kumamoto Earthquake के नाम से दर्ज किया गया है।

वायरल वीडियो को लेकर जरूरी बात

सोशल मीडिया पर भूकंप के कई वीडियो वायरल हुए हैं। आपके भेजे वीडियो में कुमामोटो, जापान और 28 जुलाई 2026 की तारीख दिखाई दे रही है। वीडियो में दिख रहे दृश्य इसी भूकंप से संबंधित बताए जा रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो को उसके मूल स्रोत और तारीख की पुष्टि के बाद ही इस्तेमाल करना बेहतर है।

 

कुमामोटो में आया यह भूकंप जापान में 2026 की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक बन गया। हादसे के कई दिनों बाद भी प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और क्षति का आकलन जारी रहा।

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