रायपुर :आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच धमतरी जिला प्रशासन ने युवाओं को भविष्य की रोजगार जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर की प्रेरणा से जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय और पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशेष तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में करीब 1500 छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन तथा डिजिटल स्किल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी हासिल की।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला प्रशासन ने मई 2026 में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और डिजिटल स्किल्स में दक्ष बनाकर उन्हें भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल क्रांति के इस दौर में धमतरी के युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए जिला प्रशासन ने एक दूरदर्शी पहल की है। कलेक्टर की प्रेरणा से जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय और पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशेष तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में करीब 1500 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर एआई के व्यावहारिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक इस्तेमाल के गुर सीखे।
*रोजगार, स्वरोजगार और नवाचार के नए क्षितिज खुलेंगे*
कन्या महाविद्यालय और पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए कलेक्टर ने कहा कि आने वाला समय पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी दक्षता का है। आज केवल पारंपरिक डिग्रियों तक सीमित रहना काफी नहीं है, बल्कि वक्त के साथ अपनी स्किल को अपडेट करना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जो युवा सीखने की ललक बनाए रखेंगे और तकनीक को अपने कौशल में शामिल करेंगे, उनके सामने आने वाले दिनों में रोजगार, स्वरोजगार और नवाचार के नए क्षितिज खुलेंगे। एआई के सही उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने बताया कि तकनीक का इस्तेमाल अपनी पढ़ाई को आसान बनाने, विषयों को गहराई से समझने और अपनी रचनात्मक क्षमता को निखारने के लिए जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए।
AI और डिजिटल स्किल्स पर दिया जोर
कार्यशालाओं के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि बदलते तकनीकी दौर में केवल पारंपरिक डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए युवाओं को लगातार अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाने और नई स्किल्स सीखने की जरूरत है।
कन्या महाविद्यालय और पॉलिटेक्निक कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कलेक्टर ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी दक्षता का है। जो युवा समय के साथ अपनी स्किल्स को अपडेट करते रहेंगे, उनके लिए रोजगार, स्वरोजगार और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों से AI का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल पढ़ाई को आसान बनाने, विषयों को बेहतर तरीके से समझने और अपनी रचनात्मक क्षमता को विकसित करने के लिए किया जा सकता है।
छात्राओं को आत्मनिर्भरता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया। कलेक्टर ने ‘अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप’ की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र छात्राओं को हर वर्ष 30 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति मिलती है। इस राशि का उपयोग ट्यूशन फीस के साथ-साथ कौशल विकास के लिए किया जा सकता है।
इसके अलावा विद्यार्थियों को आदिवासी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और इंटरनेट पर उपलब्ध निशुल्क ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
रोजगार और नवाचार के नए अवसर
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल तकनीक की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की बदलती रोजगार व्यवस्था के लिए तैयार करना है। AI, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक में दक्षता हासिल करने से विद्यार्थी नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर तलाश सकेंगे।
कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की इस पहल को युवाओं में तकनीकी कौशल और रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं को आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए ‘अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप’ की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को हर साल 30 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलती है, जिसका उपयोग वे अपनी ट्यूशन फीस और कौशल विकास के लिए कर सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने आदिवासी विकास विभाग की योजनाओं और इंटरनेट पर मौजूद निशुल्क ऑनलाइन कोर्सेज का पूरा फायदा उठाने का आह्वान किया।
इस विशेष आयोजन के दौरान नगर निगम आयुक्त, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, प्राध्यापक और भारी संख्या में युवा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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