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न्यूजीलैंड में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन का प्रस्ताव: Online Safety Bill पेश

न्यूजीलैंड सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से दूर रखने के लिए Online Safety (Minimum Age and Child Safety Risk Assessment) Bill संसद में पेश किया है।

by desk

न्यूजीलैंड । न्यूजीलैंड सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से दूर रखने के लिए Online Safety (Minimum Age and Child Safety Risk Assessment) Bill संसद में पेश किया है। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि सोशल मीडिया बच्चों को हानिकारक सामग्री, एडिक्टिव टेक्नोलॉजी और ऐसे दबावों से अवगत करा रहा है, जिनसे वे निपटने में सक्षम नहीं हैं।

बिल की मुख्य विशेषताएं

उम्र की जांच अनिवार्य: Instagram, TikTok, Snapchat, Facebook, YouTube और X जैसे “हाई-रिस्क” प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की उम्र 16 साल से ऊपर सुनिश्चित करने के लिए “reasonable steps” उठाने होंगे।

स्वीकृत तरीके: मौजूदा अकाउंट जानकारी, फेशियल एज एस्टिमेशन, डिजिटल आईडी और फॉर्मल आईडी। सिर्फ जन्मतिथि भरना पर्याप्त नहीं माना जाएगा।

वार्षिक रिस्क असेसमेंट: प्लेटफॉर्म्स को हर साल 18 साल से कम उम्र के बच्चों पर पड़ने वाले जोखिमों का आकलन कर रिपोर्ट जमा करनी होगी।

जुर्माना: उल्लंघन पर वैश्विक राजस्व का 10% या 40 मिलियन डॉलर तक (जो ज्यादा हो) जुर्माना। बच्चों, अभिभावकों या देखभाल करने वालों पर कोई सजा नहीं।

किन प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा?

बिल प्लेटफॉर्म के नाम के बजाय उनकी विशेषताओं पर आधारित है। एल्गोरिदमिक फीड, एंडलेस स्क्रॉल, लाइक्स/व्यू काउंट और डिसअपीयरिंग स्टोरीज वाले ऐप्स बैन के दायरे में आएंगे। सोशल AI कंपैनियन भी शामिल हैं।

बाहर रखे गए: WhatsApp, Discord जैसे मैसेजिंग ऐप्स, Roblox जैसे गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, Spotify, LinkedIn, ChatGPT/Gemini जैसे प्रोडक्टिविटी AI ऐप्स।

राजनीतिक चुनौती और भविष्य

कोएलिशन पार्टनर्स ACT और न्यूजीलैंड फर्स्ट बिल का विरोध कर रहे हैं। नवंबर 2026 के चुनाव से पहले बिल का फर्स्ट रीडिंग होना मुश्किल है। अगर पास होता है तो रॉयल असेंट के 6 महीने बाद लागू होगा। ऑस्ट्रेलिया में भी इसी तरह का नियम लागू होने की प्रक्रिया चल रही है।

सरकार का तर्क

लक्सन के अनुसार, 13-17 साल के एक तिहाई बच्चे रोजाना कम से कम 5 घंटे सोशल मीडिया पर बिताते हैं। इसका असर परिवार, मानसिक स्वास्थ्य, नींद और शिक्षा पर पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री एरिका स्टैनफोर्ड ने कहा कि यह बिल कंपनियों पर जिम्मेदारी डालता है और टेक्नोलॉजी के साथ विकसित होने वाला ढांचा तैयार करता है।

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