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NIT रायपुर में ‘साइबर जागृति’ अभियान, छात्रों को Digital Arrest और UPI फ्रॉड से बचने के बताए तरीके

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में गुरुवार को ‘साइबर जागृति–साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।

by desk

रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में गुरुवार को ‘साइबर जागृति–साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। एनआईटी रायपुर और छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और ऑनलाइन ठगी से बचाव के आसान तरीके बताना रहा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला, एनआईटी रायपुर के निदेशक (प्रभारी) डॉ. समीर बाजपेयी, डीसीपी वेस्ट रॉबिन्सन गुरिया (आईपीएस), एडीसीपी साइबर डॉ. गौरव मंडल सहित पुलिस अधिकारी, संस्थान के अधिकारी, संकाय सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।

 Phishing से Digital Arrest तक, छात्रों को किया सतर्क

कार्यक्रम में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को Phishing, OTP/UPI Fraud, सोशल मीडिया पर पहचान की चोरी एवं प्रतिरूपण, Sextortion और Digital Arrest जैसे साइबर अपराधों की जानकारी दी गई। साथ ही संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज की पहचान करने और अपनी निजी एवं बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए।

 

 

एडीसीपी साइबर डॉ. गौरव मंडल ने बताया कि साइबर अपराधी तकनीक के साथ-साथ मानव मनोविज्ञान का भी फायदा उठाते हैं। डर, लालच, जल्दबाजी और जानकारी की कमी का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता है। उन्होंने लोगों से किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचने की अपील की।

साइबर फ्रॉड होते ही 1930 पर करें कॉल

कार्यक्रम में बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो उसे बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही साइबर अपराध की शिकायत संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने की सलाह दी गई।

छात्रों से Cyber Volunteer बनने की अपील

NIT रायपुर के निदेशक (प्रभारी) डॉ. समीर बाजपेयी ने विद्यार्थियों को साइबर स्वयंसेवक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा खुद डिजिटल रूप से जागरूक होने के साथ अपने परिवार, दोस्तों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकते हैं।

जागरूकता को बताया साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार

रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि साइबर अपराध अब वैश्विक स्वरूप ले चुका है। ऑनलाइन ठगी के जरिए धनराशि देश से बाहर जाने के बाद उसे वापस प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे अपराधों से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी उपाय हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर स्वयंसेवक बनकर अपने परिवार और परिचितों को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जानकारी देने की अपील की।

OTP, PIN और Password किसी से साझा न करें

मुख्य अतिथि दयालदास बघेल ने डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए नागरिकों से OTP, PIN, Password और निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की। उन्होंने साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का समन्वय एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा, एसीपी आजाद चौक इशू अग्रवाल, डॉ. रूपेश कुमार देवांगन और डॉ. नितेश के. भारद्वाज ने किया।

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