नई दिल्ली। UPI Payment को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि अब ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR यानी Merchant Discount Rate लगाया जाएगा। इस खबर के सामने आने के बाद UPI इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच शुल्क को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
क्या ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर लगेगा 0.4 प्रतिशत MDR?
सामान्य UPI भुगतान के लिए ₹2,000 की कोई ऐसी सार्वभौमिक सीमा नहीं है, जिसके पार जाने पर अपने आप 0.4 प्रतिशत MDR लग जाए। इसलिए ₹2,000 से ज्यादा के हर UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगने का दावा सही नहीं माना जाना चाहिए।
MDR क्या होता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर लेनदेन से जुड़े पक्षों के बीच लगाया जा सकता है। यह ग्राहक द्वारा UPI से किसी दुकान या व्यक्ति को भुगतान करने और अलग-अलग भुगतान माध्यमों की व्यवस्था पर निर्भर करता है।
UPI के सामान्य बैंक अकाउंट आधारित लेनदेन को लेकर ग्राहकों से सीधे कोई सामान्य MDR वसूलने की व्यवस्था नहीं है।
फिर 0.4 प्रतिशत वाली बात कहां से आई?
UPI में अलग-अलग भुगतान साधनों और कारोबारी लेनदेन के नियमों को लेकर समय-समय पर शुल्क और MDR से संबंधित चर्चाएं होती रही हैं। इसी तरह की जानकारी को सोशल मीडिया पर ₹2,000 की सीमा के साथ जोड़कर वायरल किया जा सकता है।
इसलिए किसी भी UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से पहले बैंक, NPCI या संबंधित सेवा प्रदाता की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।
आम UPI यूजर्स के लिए क्या मतलब?
अगर आप सामान्य तरीके से अपने बैंक अकाउंट से UPI के जरिए भुगतान करते हैं, तो केवल ₹2,000 से अधिक भुगतान करने के कारण 0.4 प्रतिशत शुल्क लगने की बात पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
हालांकि, अलग-अलग भुगतान उत्पादों और व्यापारिक सेवाओं के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए बड़े लेनदेन या कारोबारी भुगतान के मामले में संबंधित बैंक या भुगतान सेवा की शर्तें जांचना बेहतर है।
Read more:-पढ़ाई छोड़कर 3 साल के बच्चे कर रहे ऐसा काम, चीन के किंडरगार्टन का वीडियो देख लोग रह गए हैरान…