दुनियाभर में आज, मंगलवार 29 सितंबर 2026 को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जा रहा है। यह दिन हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम के लिए जागरूकता फैलाने के मकसद से मनाया जाता है। इसका आयोजन वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन (WHF) करता है।
इस साल की थीम: “Don’t Miss a Beat”
WHF की वेबसाइट के अनुसार, 2026 में भी “Don’t Miss a Beat” अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका फोकस दुनिया की सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी, यानी हृदय रोग के संकेतों और लक्षणों को पहचानने पर है। फेडरेशन का कहना है कि ये बीमारी किसी को भी हो सकती है, चाहे उसकी उम्र, फिटनेस या जीवनशैली कैसी भी हो। युवाओं में जन्मजात हृदय रोग, महिलाओं में नजरअंदाज होने वाले लक्षण और अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर जैसे मामलों में अक्सर चेतावनी के संकेत पहचाने नहीं जाते।
आंकड़े क्या कहते हैं
WHF के अनुसार हृदय रोग हर साल 2 करोड़ से ज्यादा लोगों की जान लेता है। संगठन का कहना है कि हृदय रोग और स्ट्रोक से होने वाली कम उम्र की कम से कम 80 प्रतिशत मौतें टाली जा सकती हैं। इसीलिए रोकथाम और समय पर पहचान पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है।
हार्ट अटैक के लक्षण जो नजरअंदाज न करें
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक ये संकेत गंभीर हो सकते हैं:
– सीने में दबाव या जकड़न
– दर्द का बाएं हाथ या जबड़े तक फैलना
– ठंडा पसीना आना
– सांस फूलना
– जी मिचलाना
ऐसे लक्षण दिखें तो देर न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें या एम्बुलेंस बुलाएं।
दिल को नुकसान पहुंचाने वाले जोखिम कारक
हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, डायबिटीज और शारीरिक निष्क्रियता समय के साथ दिल और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार बीमारी बिना साफ लक्षणों के बढ़ती रहती है, इसलिए नियमित जांच जरूरी मानी जाती है।
दिल की सेहत के लिए छोटे कदम
WHF सुझाव देता है कि छोटे बदलाव भी फर्क ला सकते हैं, जैसे थोड़ी देर टहलना, साइकिल से ऑफिस जाना या रात के खाने में दिल के लिए बेहतर विकल्प चुनना। डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं बंद करने या बदलने से बचें और बीपी-शुगर की जांच समय-समय पर कराएं।
विश्व हृदय दिवस का इतिहास
WHF ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर 1999 में इस दिवस की स्थापना की घोषणा की थी। पहला वर्ल्ड हार्ट डे 24 सितंबर 2000 को मनाया गया। 2011 तक यह सितंबर के आखिरी रविवार को मनाया जाता था। 2012 से इसे हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है यह दिन
इस मौके पर दुनिया के कई हिस्सों में जागरूकता अभियान, फ्री हेल्थ स्क्रीनिंग, फिटनेस कार्यक्रम और सोशल मीडिया मुहिम चलती हैं। कई शहरों में प्रमुख इमारतों को लाल रोशनी से जगमगाया जाता है।