नई दिल्ली। नया महीना शुरू होने के साथ 1 अक्टूबर 2026 से कई नियम बदल रहे हैं। ये बदलाव रसोई गैस, बैंक FD, प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और निर्यात तक फैले हैं। जानिए आपको कब और क्या करना है।
1. LPG सब्सिडी के लिए e-KYC जरूरी
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक 1 अक्टूबर से बिना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (e-KYC) के घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। सिलेंडर मिलेगा, लेकिन बाजार भाव पर। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 90% ग्राहक (27.43 करोड़) e-KYC पूरा कर चुके हैं। सितंबर में 14.2 किलो के सिलेंडर पर करीब ₹210 की सब्सिडी मिल रही थी। e-KYC इंडेन ग्राहक Indian Oil ONE ऐप से, भारत गैस ग्राहक Hello BPCL ऐप से और HP गैस ग्राहक HP PAY ऐप से कर सकते हैं।
2. बैंक FD पर RBI के नए नियम
रिपोर्ट्स के अनुसार RBI के FD नियम 1 अक्टूबर से लागू होंगे। ETV भारत के मुताबिक बैंकों को अपनी हर ब्रांच में समान FD दर देनी होगी, यानी ग्राहक या ब्रांच के आधार पर अलग ब्याज नहीं दिया जा सकेगा। अन्य रिपोर्ट्स में ₹3 करोड़ और उससे ज्यादा की बल्क FD की दरें पारदर्शी रूप से बताना अनिवार्य होने का जिक्र है। FD कराने से पहले अपने बैंक से नियम की पुष्टि कर लें।
3. 80+ पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
80 साल या उससे ज्यादा उम्र के पेंशनभोगी 1 अक्टूबर 2026 से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे। आम पेंशनर्स के लिए यह विंडो नवंबर में खुलेगी। इसे Face RD ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर या बैंक के जरिए जमा किया जा सकता है।
4. जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पर सख्ती
‘रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ एंड डेथ (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026’ लागू हो रहा है। एक से दो साल की देरी होने पर संबंधित अथॉरिटी पूरी जांच के बाद ही प्रमाण पत्र देगी। दो साल से ज्यादा देरी होने पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) का लिखित आदेश जरूरी होगा।
5. NRI से प्रॉपर्टी खरीदना आसान
आयकर अधिनियम 2025 के तहत NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वाले व्यक्ति या HUF को TDS काटने के लिए अलग TAN नहीं लेना होगा। वे अपने PAN से TDS काट और जमा कर सकेंगे। TDS काटना अब भी अनिवार्य रहेगा।
6. निर्यातकों के लिए चार बदलाव
पूरा एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फ्रेमवर्क बदल रहा है। पुराने SOFTEX फॉर्म की जगह सिंगल Export Declaration Form आएगा। RoDTEP योजना की पुरानी अधिसूचित दरों की अवधि खत्म हो रही है और चीनी निर्यात पर प्रतिबंध की तय समय-सीमा भी पूरी हो रही है।
7. 135 साल पुराना कानून बदला
‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026’ 1 अक्टूबर से लागू होगा। यह 1891 के कानून की जगह लेगा। इससे बैंकों के इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और क्लाउड-बेस्ड रिकॉर्ड को भी अदालत में कानूनी सबूत की मान्यता मिलेगी।
8. पूर्वोत्तर में AFSPA की अवधि बढ़ी
गृह मंत्रालय ने 1 अक्टूबर से अगले छह महीने के लिए मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ चुनिंदा अशांत इलाकों में AFSPA बढ़ा दिया है।
क्या करें अभी
गैस कनेक्शन वाले उपभोक्ता 30 सितंबर तक e-KYC जरूर करा लें। FD या प्रॉपर्टी लेन-देन की योजना हो तो नए नियमों की जानकारी बैंक या टैक्स सलाहकार से लें।