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1 अक्टूबर से बदल रहे हैं FD के नियम, बैंकों को रोज़ सुबह 10 बजे बल्क डिपॉज़िट की दरें वेबसाइट पर डालनी होंगी…

₹3 करोड़ या उससे ज़्यादा की FD पर पारदर्शिता बढ़ेगी, सभी शाखाओं और ग्राहकों के लिए एक समान दर

by desk

नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) 1 अक्टूबर 2026 से वाणिज्यिक बैंकों के लिए जमा पर ब्याज दरें दिखाने और तय करने के नियम बदल रहा है। यह बदलाव ख़ासतौर पर ₹3 करोड़ और उससे ज़्यादा की बल्क जमा पर लागू होगा। ये बदलाव RBI के 30 जुलाई 2026 के संशोधन निर्देशों से आए हैं, जिनका नाम Commercial Banks – Interest Rate on Deposits Second Amendment Directions, 2026 है।

बैंकों को बल्क डिपॉज़िट की दरें हर कामकाजी दिन सुबह 10:00 बजे अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होंगी। इसमें 10 मिनट की छूट है, यानी दरें ज़्यादा से ज़्यादा 10:10 बजे तक अपडेट हो जानी चाहिए। इससे बड़े जमाकर्ता पैसा लगाने से पहले आधिकारिक दर देख सकेंगे।

बल्क डिपॉज़िट किसे कहते हैं

बल्क डिपॉज़िट का मतलब ₹3 करोड़ या उससे ऊपर की एकल रुपया मीयादी जमा है। ₹3 करोड़ से कम की जमा पर सीधा असर सीमित है। ऐसी जमा की दरें पहले से बतानी होंगी, पर उनके लिए रोज़ का कोई तय समय नहीं है। ₹1 लाख, ₹5 लाख या ₹25 लाख की FD कराने वालों को 10 बजे की दर देखने की ज़रूरत नहीं होगी।

एक समान दर और घोषित दर का पालन

RBI ने कहा है कि बल्क समेत सभी जमा पर दी जाने वाली ब्याज दरें सभी शाखाओं और सभी ग्राहकों के लिए एक समान होंगी। बैंक को वही ब्याज देना होगा जो उसने वेबसाइट पर पहले से घोषित किया हो।

अलग-अलग दरों की छूट

नए ढाँचे में बैंक लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) के रन-ऑफ़ दरों को ध्यान में रखकर बल्क जमा पर अलग-अलग ब्याज दर दे सकेंगे। यह नियम घरेलू रुपया जमा और अनिवासियों की रुपया जमा, दोनों पर लागू है।

किन पर लागू

ये नियम 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद खोली या रिन्यू की गई जमा पर लागू होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक़ यह बदलाव HDFC बैंक से जुड़ी एक घटना के बाद आया, हालाँकि नियमों की रूपरेखा जून 2026 के ड्राफ़्ट में पहले ही तय हो चुकी थी।

निवेशक क्या करें

₹3 करोड़ या उसके आसपास की FD कराने वाले बुकिंग वाले दिन बैंक की वेबसाइट पर 10 बजे की दर देखें। पूछ लें कि बैंक आपकी जमा को बल्क श्रेणी में गिन रहा है या नहीं और उस पर कौन-सी LCR-आधारित दर लागू ।

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