रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से निजी डबरी और तालाब निर्माण कार्यों के लिए कुल ₹5.01 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इस पहल के तहत किसान अपनी भूमि पर जल संग्रहण की सुविधा विकसित कर सकेंगे। इससे कृषि कार्यों को सहारा मिलने के साथ ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी तैयार होने की उम्मीद है।
80 निजी डबरी और तालाब निर्माण के लिए मिली स्वीकृति
जारी जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले में निजी डबरी और तालाब निर्माण के लिए अलग-अलग राशि स्वीकृत की गई है।
निजी डबरी निर्माण: 80 डबरियों के लिए ₹2.35 करोड़।
निजी तालाब निर्माण: ₹2.66 करोड़।
कुल स्वीकृत राशि: ₹5.01 करोड़।
इन जल संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को संग्रहित करने और जरूरत के समय उसका उपयोग करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद मिल सकती है।
जल संरक्षण से खेती को मिलेगा सहारा
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन काफी हद तक पानी की उपलब्धता पर निर्भर करता है। निजी डबरी और तालाबों के निर्माण से बारिश के पानी को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इससे खेतों में नमी बनाए रखने, शुष्क मौसम में सिंचाई की जरूरत पूरी करने और स्थानीय जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
इसके साथ ही जल संरचनाओं का निर्माण स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किए जाने से किसानों को अपनी जमीन पर जल संग्रहण की सुविधा मिल सकेगी।
मत्स्य पालन और मखाना उत्पादन से बढ़ेगी कमाई की संभावना
योजना का उद्देश्य केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है। इन तालाबों का उपयोग पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आजीविका के साधन विकसित करने के लिए भी किया जा सकता है।
उपयुक्त जल परिस्थितियों वाले तालाबों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं। वहीं, अनुकूल परिस्थितियों में किसान सिंघाड़ा और मखाना उत्पादन जैसे वैकल्पिक व्यवसाय भी अपना सकते हैं।
इन गतिविधियों को सफल बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, उचित आहार प्रबंधन, पानी की गुणवत्ता की जांच, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच महत्वपूर्ण होगी।
महिलाओं और युवाओं के लिए भी खुलेंगे रोजगार के अवसर
डबरी और तालाब आधारित गतिविधियों से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को भी आजीविका से जोड़ने की संभावनाएं बन सकती हैं। उत्पादन के अलावा प्रसंस्करण और विपणन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण बाजारों को भी लाभ मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक आय संबंधित गतिविधियों, स्थानीय परिस्थितियों, उत्पादन लागत और बाजार की मांग पर निर्भर करेगी।
गुणवत्ता और समय पर काम पूरा करने पर जोर
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत डबरी और तालाब निर्माण ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जल संरचना का उपयोग मिट्टी की प्रकृति, पानी की उपलब्धता और स्थानीय जरूरतों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि इन परिसंपत्तियों का लंबे समय तक लाभ मिल सके।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा
धमतरी जिले में शुरू की गई यह पहल जल संरक्षण को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने का प्रयास है। यदि निर्माण कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाता है और किसानों को निरंतर तकनीकी सहायता तथा बाजार से जुड़ने के अवसर मिलते हैं, तो इससे कृषि गतिविधियों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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