उत्तर भारत में सुबह, शाम और रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड ने दस्तक दे दी है। दशहरे के बाद मैदानी इलाकों में हल्की सिहरन महसूस होने लगी है। उधर दक्षिण और मध्य भारत में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग है। मानसून की विदाई के बाद भी मौसम ने नया रुख लिया है और IMD ने 21 अक्टूबर को करीब 18 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में भारी बारिश, गरज-चमक और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-NCR: दशहरे के बाद बढ़ी सुबह-शाम की ठंड
पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास है, पर दशहरे के दिन न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री तक गिर गया। नवंबर की शुरुआत में पारा 14 डिग्री तक पहुंच सकता है। आज आसमान साफ या हल्की धुंध वाला रहेगा और व्यापक बारिश की चेतावनी नहीं है। अधिकतम तापमान 31-32 और न्यूनतम 19-20 डिग्री रहने का अनुमान है। 24-25 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छा सकते हैं और बारिश की आशंका है।
उत्तर प्रदेश: साफ आसमान, गिरता रात का पारा
प्रदेश के सभी 75 जिलों में आसमान साफ और दिन में धूप रहेगी, जबकि सुबह-शाम हल्की ठंडक है। हरदोई में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे कम है। बरेली, नजीबाबाद, शाहजहांपुर और कानपुर में भी रात का तापमान गिरा है। लखनऊ में न्यूनतम तापमान करीब 18 और अधिकतम करीब 32 डिग्री रह सकता है। अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।
बिहार और राजस्थान: शुष्क मौसम, धीरे-धीरे बढ़ती सर्दी
बिहार में बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान गिरने से सुबह और रात में ठंड बढ़ सकती है। आने वाले दिनों में पारा और नीचे जा सकता है। राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा।
पहाड़ी राज्य: बर्फबारी की आहट
उत्तराखंड और हिमाचल में पहाड़ी क्षेत्र मैदानों की तुलना में ठंडे रहेंगे, जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ठंड का असर सबसे ज्यादा होगा। श्रीनगर में 17 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 20 और न्यूनतम करीब 7 डिग्री रहने का अनुमान था। उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में 23-25 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश और बर्फबारी शुरू हो सकती है।
दक्षिण भारत: दो कम दबाव के क्षेत्र, भारी से बहुत भारी बारिश
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बने दूसरे सिस्टम से केरल, माहे, लक्षद्वीप, कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और द्वीप समूह
कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के साथ मुंबई, पुणे, नागपुर और ठाणे में हल्की से बहुत तेज बारिश और 60 किमी प्रति घंटे की हवाओं के आसार हैं। मध्य प्रदेश के सागर, शिवपुरी, उज्जैन, इंदौर और खंडवा जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें और 30-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। अंडमान-निकोबार में 20 से 26 अक्टूबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी है।
IMD की सलाह
तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें। किसानों और पशुपालकों को फसलों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए खास सावधानी रखने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में दिल्ली-NCR समेत मैदानी इलाकों में पारा और गिर सकता है, इसलिए हल्के गर्म कपड़े साथ रखना समझदारी होगी।
Read more:-जियो का देश का सबसे बड़ा IPO आज खुला- 30,213 करोड़ का इश्यू, 21 से 23 अक्टूबर तक बोली