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सर्दियों की आहट के साथ ज़हरीली होती हवा: चार राज्यों के 13 शहरों में प्रदूषण दिल्ली से भी ज्यादा, पंचगांव में AQI 378…

हरियाणा के मानेसर का पंचगांव देश में सबसे प्रदूषित, यूपी के हापुड़ और बड़ौत में AQI 328; निगरानी वाले 254 शहरों में सिर्फ 123 की हवा "अच्छी या संतोषजनक"

by desk

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही देशभर में हवा तेजी से बिगड़ने लगी है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत चार राज्यों के 13 शहरों की हवा दिल्ली से ज्यादा खराब हो गई है। जिस राजधानी को अब तक प्रदूषण का पर्याय माना जाता रहा, वह इस बार कई शहरों से पीछे दिख रही है। यह इस बात का संकेत है कि संकट सिर्फ दिल्ली का नहीं, पूरे उत्तर भारत का है।

दिल्ली से आगे कौन-कौन से शहर

गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 223 रहा। इससे ज्यादा AQI वाले शहरों में यूपी के सात और हरियाणा के चार शहर हैं। इनके अलावा राजस्थान के खैरथल का AQI 232 और ओडिशा के अंगुल का 244 रहा।

सबसे प्रदूषित शहरों की सूची

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार सबसे प्रदूषित शहरों में चार यूपी के हैं। हापुड़ 328 AQI के साथ सबसे प्रदूषित रहा, जबकि हरियाणा के मानेसर का पंचगांव 378 के साथ देश में सबसे ऊपर रहा। तीन शहरों में AQI 300 के पार गया:

 

| क्रम | शहर | AQI |

| 1 | पंचगांव | 378 |

| 2 | हापुड़ | 328 |

| 3 | बड़ौत | 328 |

| 4 | बागपत | 282 |

| 5 | मेरठ | 281 |

| 6 | खोड़ा | 256 |

| 7 | अंगुल | 244 |

| 8 | करनाल | 242 |

| 9 | नोएडा | 242 |

| 10 | दिल्ली | 223 |

देशभर की तस्वीर: आधे शहरों की हवा चिंताजनक

निगरानी वाले 254 शहरों में से सिर्फ 123 में हवा “अच्छी या संतोषजनक” श्रेणी में है। 111 शहरों की हवा मध्यम, 17 की खराब और 3 की बेहद खराब है। CPCB के मुताबिक आधे से ज्यादा शहरों में गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है, जो आने वाले दिनों के संकट का संकेत है। राहत की बात यह है कि मिजोरम के आइजोल में AQI सिर्फ 20 दर्ज हुआ।

20 शहरों में AQI 200 पार, नौ यूपी के

देशभर के 20 शहरों में AQI 200 से ऊपर है, जिनमें नौ यूपी के हैं। दिल्ली-NCR के 29 शहरों में से 13 में हवा की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

सेहत के लिए क्या खतरा है

प्रदूषित शहरों की हवा में मुख्य रूप से PM2.5 और PM10 मिले हैं। धूल के इन महीन कणों से भरी हवा में लंबे समय तक रहने पर सांस लेने में दिक्कत होती है। ये कण फेफड़ों तक पहुंचते हैं और बीमारियों का कारण बनते हैं। दमा, हृदय रोग और बुजुर्गों व बच्चों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी मानी जाती है।

NCR में पराली से ज्यादा वाहनों का धुआं

भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के अनुसार दिल्ली में गुरुवार को सबसे ज्यादा 19% प्रदूषण वाहनों के उत्सर्जन से हुआ। एक दिन पहले यह आंकड़ा 21% था। पराली की हिस्सेदारी 3% से बढ़कर 7% हो गई। शुक्रवार को यह 15% और शनिवार को 10% रह सकती है।

पराली पर कार्रवाई: 52 FIR, 21 गिरफ्तार

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने शुक्रवार को हरियाणा और NCR में प्रदूषण से निपटने के इंतजामों की समीक्षा की। कृषि विभाग के निदेशक अमित खत्री ने बताया कि पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए इस बार 52 FIR दर्ज हुईं और 21 लोग गिरफ्तार किए गए। राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री के साथ जुर्माना भी लगाया गया।

मुंबई पर बॉम्बे हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

आर्थिक राजधानी मुंबई की बिगड़ती हवा पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि यह शहर प्रदूषण में दिल्ली से भी आगे निकल गया है। कोर्ट ने पूछा कि जब लाखों लोग प्रदूषण से जूझ रहे हैं और आपातकाल जैसी स्थिति है, तो इन उपायों को लागू करने वाले अधिकारी चैन की नींद कैसे सो सकते हैं। कोर्ट ने चेताया कि कर्तव्य न निभाने पर अफसरों को जवाबदेह ठहराया जा सकता है। उसने नगर निकायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस को फटकार लगाई कि वे त्योहारों के दौरान शोर और वायु प्रदूषण रोकने के आदेश लागू करने में नाकाम रहे।

आगे की चिंता

सर्दियां गहराने पर तापमान गिरने और हवा की रफ्तार घटने से प्रदूषक नीचे जमा होने लगते हैं, इसलिए आने वाले हफ्तों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका रहती है। यह निष्कर्ष मेरा सामान्य आकलन है, लेख के स्रोत का हिस्सा नहीं। सांस की बीमारी वाले लोग, बुजुर्ग और बच्चे सुबह-शाम के समय बाहर कम निकलें और अपने शहर का ताज़ा AQI देखते रहें।

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