भुवनेश्वर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के जटनी स्थित इन्फो वैली-II में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। करीब 169 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह सुविधा देश के डिजिटल वित्तीय ढांचे को सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
18.55 एकड़ में फैला है आधुनिक परिसर
RBI का यह नया परिसर 18.55 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी आधारशिला मार्च 2023 में तत्कालीन RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रखी थी। इस केंद्र में देश की महत्वपूर्ण डिजिटल भुगतान प्रणालियों को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
RTGS और NEFT की सुरक्षा पर रहेगा जोर
डेटा सेंटर में RTGS और NEFT जैसी महत्वपूर्ण भुगतान प्रणालियों से जुड़ा बुनियादी ढांचा रखा जाएगा। इन प्रणालियों के माध्यम से देशभर में बड़ी संख्या में डिजिटल लेनदेन होते हैं। ऐसे में डेटा सेंटर की भूमिका वित्तीय सेवाओं की निरंतरता, डेटा सुरक्षा और साइबर हमलों से बचाव के लिहाज से अहम होगी।
साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से विशेषज्ञों को डिजिटल खतरों की पहचान, साइबर हमलों से निपटने और वित्तीय प्रणालियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित करने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन समारोह में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने इस सुविधा को ओडिशा के साथ-साथ पूरे देश के लिए उपयोगी बताया।
डिजिटल भारत के लिए क्यों अहम है यह केंद्र?
डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच वित्तीय प्रणालियों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखना जरूरी हो गया है। आधुनिक डेटा सेंटर और प्रशिक्षित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ देश की भुगतान व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने में योगदान दे सकते हैं।