नई दिल्ली: त्योहारों के सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चीनी कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 30 दिनों से घटाकर 15 दिन कर दी है। यह नया नियम 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। वहीं पिछले एक साल में चीनी की खुदरा कीमत में करीब 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और कीमत लगभग 52.30 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
क्यों लिया गया फैसला?
त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार को आशंका है कि अधिक स्टॉक रखने से बाजार में कृत्रिम कमी या जमाखोरी की स्थिति बन सकती है। स्टॉक लिमिट घटाने का उद्देश्य बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना और कीमतों पर नियंत्रण रखना है।
इसके अलावा नई चीनी फसल के शुरुआती स्टॉक और गन्ने की फसल को लेकर बनी चिंताओं के बीच सरकार आपूर्ति व्यवस्था पर भी नजर रख रही है।
उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?
सरकार की कोशिश है कि त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कीमतों में अचानक तेजी न आए। स्टॉक लिमिट कम होने से व्यापारियों द्वारा लंबे समय तक बड़ी मात्रा में चीनी जमा रखने पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।