नई दिल्ली। आजकल लंबे समय तक बैठकर काम करने, खराब पोस्चर और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कमर दर्द की समस्या बेहद आम हो गई है। ऑफिस में लगातार कई घंटे कुर्सी पर बैठना, मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल या गलत तरीके से सोने की वजह से भी कमर में दर्द हो सकता है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग कमर दर्द को सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार कमर दर्द का कारण मांसपेशियों की थकान या गलत पोस्चर नहीं होता। कुछ मामलों में लगातार बना रहने वाला कमर दर्द शरीर में चल रही सूजन संबंधी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
ऐसी ही एक बीमारी है Axial Arthritis या Axial Spondyloarthritis। यह एक क्रॉनिक इंफ्लेमेटरी बीमारी है, जिसमें मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी और सैक्रोइलियक यानी SI जोड़ों में सूजन होती है। ये जोड़ रीढ़ की हड्डी को पेल्विस से जोड़ते हैं। बीमारी धीरे-धीरे बढ़ सकती है और लंबे समय तक इसका पता न चलने पर रीढ़ की हड्डी में कठोरता और लचीलेपन की कमी हो सकती है। गंभीर स्थिति में व्यक्ति को झुकने, मुड़ने, सीढ़ियां चढ़ने और लंबे समय तक चलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Axial Arthritis क्या है?
Axial Arthritis को आमतौर पर Axial Spondyloarthritis के नाम से भी जाना जाता है। यह स्पॉन्डायलोआर्थराइटिस नाम की बीमारियों के समूह का हिस्सा है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी सूजन रीढ़ और सैक्रोइलियक जोड़ों को प्रभावित करती है।
इस बीमारी की एक खास बात यह है कि शुरुआती चरण में एक्स-रे सामान्य दिखाई दे सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि बीमारी मौजूद नहीं है। कई मामलों में MRI जांच के जरिए शुरुआती सूजन का पता लगाया जा सकता है। इसी कारण डॉक्टर मरीज के लक्षण और शारीरिक जांच के आधार पर जरूरत पड़ने पर MRI जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं।
यह बीमारी केवल रीढ़ या जोड़ों तक सीमित नहीं रहती। कुछ मरीजों में आंखों में सूजन यानी Uveitis, त्वचा से जुड़ी समस्याएं या आंतों से संबंधित सूजन जैसी स्थितियां भी देखी जा सकती हैं। बीमारी की शुरुआत अक्सर अपेक्षाकृत कम उम्र में होती है और कई मामलों में इसके लक्षण 45 वर्ष की उम्र से पहले सामने आते हैं।
रीढ़ और सैक्रोइलियक जोड़ों को कैसे प्रभावित करती है?
Axial Arthritis में सूजन अक्सर सैक्रोइलियक जोड़ों से शुरू हो सकती है। ये जोड़ शरीर के निचले हिस्से में रीढ़ और पेल्विस के बीच स्थित होते हैं। लगातार सूजन रहने की वजह से दर्द और जकड़न की समस्या पैदा हो सकती है।
समय के साथ सूजन रीढ़ के दूसरे हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक चलने वाली सूजन के कारण शरीर नई हड्डी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। कुछ मामलों में यह नई हड्डी कशेरुकाओं के बीच बनने लगती है और उन्हें आपस में जोड़ सकती है।
इस स्थिति के कारण रीढ़ की सामान्य लचक कम होने लगती है। गंभीर मामलों में रीढ़ काफी कठोर हो सकती है और व्यक्ति के लिए सामान्य रूप से झुकना या मुड़ना मुश्किल हो सकता है। बीमारी के बढ़ने पर रोजमर्रा के कई काम प्रभावित हो सकते हैं।
शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी
Axial Arthritis की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य कमर दर्द जैसे दिखाई दे सकते हैं। इसलिए लोग लंबे समय तक इसे नजरअंदाज कर देते हैं। अगर कमर दर्द कुछ दिनों के बजाय लगातार कई सप्ताह या महीनों तक बना रहता है, तो इसके कारण की जांच कराना जरूरी हो सकता है।
इसके कुछ प्रमुख संकेत इस प्रकार हैं:
- तीन महीने या उससे ज्यादा समय तक लगातार कमर दर्द रहना।
- सुबह उठने के बाद लंबे समय तक कमर में जकड़न महसूस होना।
- आराम करने या लंबे समय तक बैठे रहने पर दर्द बढ़ना।
- चलने या हल्की शारीरिक गतिविधि करने पर दर्द में राहत मिलना।
- रात में कमर दर्द के कारण नींद खुलना।
- कूल्हों या नितंबों के आसपास दर्द महसूस होना।
- लंबे समय तक बैठने के बाद उठने में परेशानी होना।
- कुछ मामलों में आंखों में लालिमा, दर्द या रोशनी से परेशानी होना।
इनमें से कई लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं तो इन्हें केवल सामान्य कमर दर्द मानकर टालना ठीक नहीं है।
सामान्य कमर दर्द से कैसे अलग है Axial Arthritis?
हर कमर दर्द Axial Arthritis नहीं होता। सामान्य कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे मांसपेशियों में खिंचाव, भारी वजन उठाना, गलत पोस्चर या लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना। इस तरह के दर्द में अक्सर आराम करने से राहत मिलती है और कुछ दिनों या उचित देखभाल के बाद समस्या कम हो सकती है।
इसके विपरीत, Axial Arthritis से होने वाला दर्द सूजन से जुड़ा होता है। इसमें लंबे समय तक आराम करने के बाद दर्द और जकड़न बढ़ सकती है। कई लोगों को सुबह उठने पर काफी देर तक शरीर में अकड़न महसूस होती है। हल्की गतिविधि या चलने-फिरने से कुछ राहत मिल सकती है।
यही अंतर बीमारी की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि केवल लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। सही निदान के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी होती है।
रात में दर्द होना भी हो सकता है संकेत
अगर कमर दर्द इतना ज्यादा है कि रात में आपकी नींद खुल जाती है, तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर तब जब यह समस्या बार-बार हो और सुबह उठने पर कमर में काफी जकड़न महसूस हो।
सामान्य थकान या दिनभर के काम से होने वाला दर्द अक्सर आराम करने के बाद बेहतर हो सकता है, जबकि सूजन संबंधी कमर दर्द का पैटर्न अलग हो सकता है। रात में दर्द, सुबह की जकड़न और लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों का संयोजन डॉक्टर के लिए महत्वपूर्ण जानकारी हो सकता है।
क्या चलने से Axial Arthritis में राहत मिलती है?
इस बीमारी में कई मरीजों को आराम करने की बजाय हल्की शारीरिक गतिविधि से राहत महसूस हो सकती है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने पर जकड़न बढ़ सकती है, जबकि चलने-फिरने से शरीर की गतिविधि बनी रहती है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि दर्द होने पर व्यक्ति खुद से ज्यादा व्यायाम शुरू कर दे। बीमारी की स्थिति हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट मरीज की स्थिति के अनुसार सुरक्षित एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधि की सलाह दे सकते हैं।
समय पर जांच क्यों जरूरी है?
Axial Arthritis धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी हो सकती है और शुरुआती लक्षण सामान्य कमर दर्द जैसे लगते हैं। यही कारण है कि कई मरीज सही विशेषज्ञ तक पहुंचने में समय लगा देते हैं। लंबे समय तक बीमारी की पहचान न होने पर रीढ़ में स्थायी बदलाव होने का जोखिम बढ़ सकता है।
अगर कमर दर्द लगातार तीन महीने या उससे अधिक समय से है, सुबह काफी देर तक जकड़न रहती है और आराम करने की बजाय चलने से राहत मिलती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ शारीरिक जांच के साथ रक्त जांच और इमेजिंग टेस्ट जैसे X-ray या MRI की मदद ले सकते हैं।
इलाज से लक्षणों को नियंत्रित करने में मिल सकती है मदद
Axial Arthritis का इलाज व्यक्ति की स्थिति, बीमारी की गंभीरता और लक्षणों के आधार पर तय किया जाता है। उपचार का उद्देश्य सूजन और दर्द को नियंत्रित करना, रीढ़ की गतिशीलता बनाए रखना और बीमारी की वजह से होने वाले नुकसान को कम करना होता है।
डॉक्टर दवाओं के साथ फिजियोथेरेपी, नियमित और सुरक्षित शारीरिक गतिविधि तथा जीवनशैली में कुछ बदलावों की सलाह दे सकते हैं। किसी भी दवा को अपने आप शुरू या बंद करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर कमर दर्द लगातार बना हुआ है और सामान्य आराम से ठीक नहीं हो रहा, सुबह उठने पर लंबे समय तक जकड़न रहती है या दर्द रात में नींद से जगा देता है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। कूल्हों में बार-बार दर्द या आंखों में अचानक लालिमा और दर्द जैसे लक्षण साथ हों तो भी इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सबसे जरूरी बात यह है कि हर कमर दर्द Axial Arthritis नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक बने रहने वाले कुछ खास पैटर्न वाले कमर दर्द को केवल थकान समझना भी सही नहीं है। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार शुरू किया जा सकता है और रीढ़ की कार्यक्षमता व रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिल सकती है।