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‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल को किरदार देने पर राजकुमार संतोषी की सफाई, बोले- ‘यह फैसला सोच-समझकर लिया था’

by desk

मुंबई। सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी की चर्चित जोड़ी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के साथ एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटी, लेकिन फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल पाई। करीब 150 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ने रिलीज के पहले सप्ताह में लगभग 33.60 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। फिल्म के कमजोर प्रदर्शन को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इसी बीच सनी देओल के मुस्लिम किरदार को लेकर उठ रहे सवालों पर निर्देशक राजकुमार संतोषी ने अपनी बात रखी है।

सनी देओल को मुस्लिम किरदार में लेने पर हुई थी चर्चा

राजकुमार संतोषी ने एक इंटरव्यू में बताया कि सनी देओल को मुस्लिम किरदार में कास्ट करने के फैसले को लेकर शुरुआत में विचार-विमर्श जरूर हुआ था। हालांकि, अंत में उन्होंने इसे पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया रचनात्मक फैसला बताया।

संतोषी के मुताबिक, सनी देओल ने फिल्म में सिकंदर मिर्जा नाम के मुस्लिम व्यक्ति का किरदार निभाया है। यह किरदार कट्टरपंथ के खिलाफ खड़ा होता है और इंसानियत तथा शांति की बात करता है।

‘गदर’ और ‘बॉर्डर’ से बिल्कुल अलग है किरदार

राजकुमार संतोषी ने कहा कि सनी देओल की पहचान लंबे समय से मजबूत और देशभक्त किरदारों से रही है। ‘बॉर्डर’ और ‘गदर’ जैसी फिल्मों ने उनकी एक खास छवि बनाई है, जिसमें वह दुश्मनों के खिलाफ लड़ते नजर आए हैं।

लेकिन ‘बंटवारा 1947’ में सनी का किरदार इस इमेज से बिल्कुल अलग है। यहां वह एक ऐसे मुस्लिम व्यक्ति की भूमिका में हैं जो कट्टरपंथ का विरोध करता है और विभाजन के दौर में इंसानियत को प्राथमिकता देता है।

संतोषी के अनुसार, एक अभिनेता के तौर पर सनी के लिए भी यह भूमिका अलग तरह की चुनौती थी और वह इस किरदार को निभाने को लेकर काफी उत्साहित थे।

मेनस्ट्रीम दर्शकों तक पहुंचाना चाहते थे फिल्म

राजकुमार संतोषी ने बताया कि वह ‘बंटवारा 1947’ को केवल सीमित दर्शकों तक पहुंचने वाली फिल्म नहीं बनाना चाहते थे। उनका उद्देश्य था कि विभाजन और उस दौर की मानवीय कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।

इसी वजह से उन्होंने सनी देओल जैसे लोकप्रिय स्टार को सिकंदर मिर्जा के किरदार के लिए चुना। संतोषी ने सनी को बेहतरीन अभिनेता बताते हुए कहा कि वह अलग-अलग तरह की भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से निभाने की क्षमता रखते हैं।

सनी और संतोषी की पुरानी जोड़ी

सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी पहले भी ‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी चर्चित फिल्मों में साथ काम कर चुकी है। दोनों की फिल्मों को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला था।

संतोषी ने बताया कि सनी के साथ उनकी पुरानी दोस्ती और सफल फिल्मों की साझेदारी जरूर है, लेकिन हर फिल्म के लिए कास्टिंग का फैसला कहानी और किरदार की जरूरत के हिसाब से किया जाता है।

2008 में शुरू हुआ था फिल्म का विचार

राजकुमार संतोषी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की शुरुआत करीब 2008 में हुई थी। उस समय वह एक अलग फिल्म बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। बाद में जब उन्हें ‘बंटवारा 1947’ का विषय मिला तो उन्होंने इसी कहानी पर फिल्म बनाने का फैसला किया।

उन्होंने सनी देओल से इस प्रोजेक्ट को लेकर बात की और सनी को भी कहानी पसंद आई। संतोषी का कहना था कि वह चाहते थे कि यह एक मेनस्ट्रीम फिल्म बने और ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचे।

बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला फिल्म का जादू

14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के आसपास रिलीज हुई ‘बंटवारा 1947’ को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। फिल्म का मुकाबला ‘आवारापन 2’ जैसी रिलीज से भी रहा, जिसका असर इसके कारोबार पर पड़ा।

फिल्म की कहानी विभाजन के दौर की पृष्ठभूमि में इंसानियत, सांप्रदायिक सौहार्द और नफरत के बजाय प्यार का संदेश देने की कोशिश करती है। हालांकि, कमजोर बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के बावजूद सनी देओल का मुस्लिम किरदार चर्चा का विषय बना हुआ है।

संतोषी ने साफ किया है कि सनी को सिकंदर मिर्जा के रूप में पेश करना कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि कहानी और किरदार की जरूरत को ध्यान में रखकर किया गया सोचा-समझा रचनात्मक निर्णय था।

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