छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र बढ़ाने की मांग, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को नेता प्रतिपक्ष ने लिखा पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर सियासी हलचल तेज हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर विधानसभा की बैठकों की संख्या और सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सदन में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई, तो लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दे सकता है।
जनता के मुद्दों पर चर्चा जरूरी
चरणदास महंत ने 16 अक्टूबर 2026 को भेजे पत्र में कहा कि संसद और विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक मंचों पर जनसमस्याओं को पर्याप्त समय और गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सदन में जिन समस्याओं का समाधान बातचीत और चर्चा से हो सकता है, वे अनदेखी होने पर धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन का रूप ले सकती हैं।
उन्होंने स्कूली बच्चों के अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने की घटनाओं पर भी चिंता जताई और इसे पूरे प्रदेश के लिए विचार करने योग्य विषय बताया।
किसानों से लेकर बिजली संकट तक उठाए मुद्दे
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में किसानों की समस्याओं, बिजली संकट, कानून-व्यवस्था, जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी गंभीर चर्चा की जरूरत बताई।
महंत का कहना है कि इन मुद्दों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विचार-विमर्श होना चाहिए, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए ठोस फैसले लिए जा सकें।
विधानसभा की बैठकों की संख्या बढ़ाने की मांग
चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि ध्यानाकर्षण सूचनाओं, स्थगन प्रस्तावों और शून्यकाल में उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण विषयों पर कई बार पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाती। इससे जनता के सवालों को सदन में प्रभावी ढंग से रखने का अवसर सीमित हो जाता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आग्रह किया कि विधानसभा अध्यक्ष, कार्य मंत्रणा समिति और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा कर ऐसा ढांचा तैयार किया जाए, जिससे आगामी विधानसभा सत्रों में बैठकों के दिन बढ़ाए जा सकें।
अब सरकार के रुख पर नजर
विधानसभा के सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है। यदि सत्र में अधिक बैठकें होती हैं, तो किसानों, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। फिलहाल, मुख्यमंत्री की ओर से इस मांग पर प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
10 टैग