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छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, गांव से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को तैयार करेगी साय सरकार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की समीक्षा की। बिलासपुर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 करने की योजना, महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों को भी मिलेगा विशेष प्रोत्साहन।

by desk

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार खेल व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने गांवों, जनजातीय क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही समय पर पहचानने और उचित मार्गदर्शन देने की है। सरकार का लक्ष्य है कि गांव के मैदान से शुरू होने वाला खिलाड़ियों का सफर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों तक पहुंचे।

गांव और जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेल प्रतिभाओं की खोज केवल बड़े शहरों और खेल अकादमियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ग्रामीण, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।

उन्होंने कहा कि तीरंदाजी, कबड्डी सहित कई खेलों में इन क्षेत्रों के युवाओं की स्वाभाविक रुचि और क्षमता है। ऐसी प्रतिभाओं को पहचानकर वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण कोई भी खिलाड़ी पीछे न रह जाए।

स्कूल स्तर से ही बच्चों को खेलों से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने स्कूलों में नियमित खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने में भी मदद करते हैं।

स्कूल स्तर पर ही प्रतिभाओं की पहचान होने से बच्चों को समय रहते विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। इससे भविष्य में खेलों को करियर के रूप में अपनाने के इच्छुक युवाओं के लिए भी बेहतर अवसर तैयार होंगे।

फीडर सेंटर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक विकसित होगा प्रशिक्षण तंत्र

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत खिलाड़ियों को शुरुआती प्रशिक्षण से लेकर उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने के लिए व्यवस्थित तंत्र विकसित करने की योजना है। इसके अंतर्गत फीडर सेंटर, खेल अकादमियों, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी सहित प्राथमिकता वाले खेलों के विकास पर चर्चा हुई।

इसके साथ ही खिलाड़ियों की प्रगति, प्रदर्शन और प्रशिक्षण की जरूरतों का नियमित आकलन करने की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

बिलासपुर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर में बढ़ेंगी सुविधाएं

बैठक में बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर के विस्तार की योजना की समीक्षा की गई। प्रस्ताव के अनुसार, यहां आवासीय खिलाड़ियों की क्षमता वर्तमान 165 से बढ़ाकर 300 करने की योजना है। इसके साथ ही केंद्र में संचालित खेल विधाओं का भी विस्तार करने पर विचार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उपलब्ध स्टेडियम, खेल मैदानों और प्रशिक्षण केंद्रों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधुनिक खेल अधोसंरचना के रखरखाव और जरूरत के अनुसार उन्नयन पर भी जोर दिया।

खेल विज्ञान, पोषण और प्रशिक्षित कोचों पर रहेगा

खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार के लिए केवल मैदान और उपकरण ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञ प्रशिक्षण और वैज्ञानिक सुविधाएं भी महत्वपूर्ण हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मिशन के अंतर्गत योग्य कोचों की उपलब्धता बढ़ाने और स्पोर्ट्स साइंस को प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने पर चर्चा हुई।

योजना में खिलाड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण, फिटनेस, मनोवैज्ञानिक सहयोग, चोटों से बचाव और पुनर्वास जैसी सुविधाओं को महत्व देने पर विचार किया गया। उद्देश्य खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली के जरिए उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी से मिलेगी प्रतिभाओं को पहचान

खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के लिए टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी के माध्यम से विकासखंड, जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित करने की प्रस्तावित व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

इन प्रतियोगिताओं से दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल सकेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चिन्हित कर उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आगे की प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।

महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने महिला खिलाड़ियों और दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में महिला खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण शिविर, पैरा स्पोर्ट्स के विकास और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप खिलाड़ियों को तैयार करने की योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर प्रशिक्षण और पर्याप्त प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ सकें।

अगले पांच वर्षों के लिए बनेगी कार्ययोजना

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना और वित्तीय प्रबंधन पर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खेल सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें खिलाड़ियों को प्रतिभा की पहचान से लेकर उच्चस्तरीय प्रदर्शन तक हर जरूरी सहयोग मिल सके।

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