रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो सरकार से परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
देवेंद्र नाथ महतो ने 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना शुरू किया था। इसके बाद 2 अगस्त से उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ी और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उठे सवालों का समाधान, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
5 अगस्त को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद महतो ने पानी ग्रहण कर अपना वॉटर फास्ट खत्म किया था, लेकिन छात्र आंदोलन जारी रहा। इसके बाद भी वह सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बनाए हुए हैं।
8 अगस्त को छात्र प्रतिनिधियों और सरकार द्वारा गठित पैनल के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई। सरकार की ओर से आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर चर्चा की जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच कोई ठोस समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।
देवेंद्र नाथ महतो का आंदोलन फिलहाल झारखंड में भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के मुद्दे पर सबसे चर्चित आंदोलनों में से एक बन गया है।