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- केरल में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और अचानक आए भूस्खलन (landslides) ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के कई जिलों में नदियाँ उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक कम से कम 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। मलबे में दबे लोगों को निकालने और फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।बिगड़ते हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। वर्तमान में केरल के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में कुल 209 राहत शिविर (relief camps) सक्रिय कर दिए गए हैं। इन शिविरों में अब तक 5,792 से अधिक विस्थापित लोगों को सुरक्षित पहुंचाया जा चुका है, जहाँ उनके रहने, भोजन और चिकित्सा की आपातकालीन व्यवस्था की जा रही है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताते हुए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही, नदियों के किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की अपील की गई है।