अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह फैसला ट्रस्ट की बैठक में लिया गया।
5,585 आवेदनों में से हुआ चयन
रिपोर्टों के अनुसार, CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के दौरान 5,585 आवेदनों की जांच के बाद उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिसके बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम निर्णय लिया गया।
मंदिर के प्रशासन और संचालन की होगी बड़ी जिम्मेदारी
पहले CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। श्रद्धालुओं की व्यवस्था, दर्शन प्रणाली, सुरक्षा, कर्मचारियों का प्रबंधन, सुविधाओं और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय जैसे महत्वपूर्ण कार्य उनके दायरे में रहेंगे।
भारतीय वायुसेना में रहा लंबा अनुभव
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवाएं दे चुके हैं और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्होंने अप्रैल 2026 में भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्ति ली थी। उनका सैन्य और प्रशासनिक अनुभव राम मंदिर जैसे बड़े धार्मिक परिसर के व्यवस्थित संचालन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संभाली थी अहम जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख भी रहे और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी। अब उनकी नियुक्ति को राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव
ट्रस्ट ने प्रशासनिक स्तर पर अन्य बदलाव भी किए हैं। स्वामी गोविंद देव गिरि को नया महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि ट्रस्ट में नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर परिसर के विस्तार को देखते हुए पहले CEO की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में मंदिर के प्रशासन, सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधाओं को और अधिक व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।