गोर्खा जिले में भूस्खलन के बाद नदी में आया तेज बहाव, कई मकान और पुल क्षतिग्रस्त; 95 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
काठमांडू। नेपाल में प्राकृतिक आपदा का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को गोर्खा जिले के पहाड़ी इलाके में अचानक आई बाढ़ ने कई क्षेत्रों को प्रभावित किया। नदी में पानी का तेज बहाव आने से मकानों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की खबर है। सोमवार, 12 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, पांच लोग लापता हैं, जबकि 95 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
भूस्खलन के बाद अचानक बढ़ा नदी का पानी
जानकारी के अनुसार, गोर्खा जिले के चुमनुब्री क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का प्रवाह कुछ समय के लिए बाधित हो गया था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ा और तेज बहाव के साथ पानी नीचे के इलाकों की ओर बढ़ गया। अचानक आई इस बाढ़ से नदी के आसपास रहने वाले लोगों को संभलने का मौका कम मिला।
पानी के साथ मिट्टी और मलबा भी बहकर आया, जिससे स्थानीय बस्तियों और खेतों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने हालात का आकलन शुरू कर दिया है।
कई पुल और जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित
बाढ़ के कारण क्षेत्र की सड़क और संपर्क व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, कई पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं और कुछ पुल पानी के तेज बहाव में बह गए। जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण स्थलों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।
स्थानीय स्तर पर मकानों और कृषि भूमि को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचने से दुर्गम इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
नेपाली सेना और बचाव दल राहत कार्य में जुटे
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सेना और अन्य बचाव दलों की मदद ली जा रही है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, दवाइयां और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। आसपास के जिलों में भी नदी के जलस्तर और संभावित खतरे पर नजर रखी जा रही है।
पांच लोग लापता, तलाश अभियान जारी
ताजा उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ के बाद पांच लोगों का पता नहीं चल पाया है। बचाव दल उनकी तलाश कर रहे हैं। वहीं, 95 लोगों को प्रभावित क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। राहत अभियान आगे बढ़ने के साथ लापता लोगों और नुकसान से जुड़ी जानकारी में बदलाव हो सकता है।
नेपाल में फिर बढ़ी प्राकृतिक आपदा की चिंता
नेपाल का पहाड़ी भूगोल और मानसूनी बारिश के दौरान होने वाले भूस्खलन कई बार अचानक बाढ़ का कारण बनते हैं। नदी के रास्ते में मलबा जमा होने के बाद पानी का अचानक आगे बढ़ना निचले इलाकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
गोर्खा जिले में हुई इस घटना ने एक बार फिर नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा और समय पर चेतावनी पहुंचाने की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों को तलाशना, प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों की स्थिति का आकलन करना है।
महत्वपूर्ण: यह खबर 12 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। बचाव अभियान के दौरान आंकड़ों और नुकसान की जानकारी में बदलाव संभव है।