1050 फीट गहरे बोरवेल में जिंदगी की जंग लड़ रहा भोमाराम, इकलौते बेटे के लिए माता-पिता बेहाल
राजस्थान के फलोदी जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां नौ साल का बालक भोमाराम खुले बोरवेल में गिर गया। घटना लोहावट पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौसर के पूनियों की ढाणी में हुई। जानकारी के मुताबिक, बच्चे के पिता पांचाराम भील के खेत में बोरवेल की मशीन खराब होने के कारण पंप बाहर निकाला गया था और मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान पास में खेल रहा भोमाराम अचानक खुले बोरवेल में गिर गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बोरवेल में ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है और कैमरे की मदद से उसकी स्थिति पर नजर रखने का प्रयास किया जा रहा है।
खेलते-खेलते खुले बोरवेल में गिरा मासूम
यह हादसा गुरुवार को फलोदी जिले के मतौड़ा थाना क्षेत्र के पूनियों की ढाणी में हुआ। पुलिस के अनुसार, पांचाराम भील के खेत में लगे बोरवेल की मशीन खराब हो गई थी। मरम्मत के लिए पंप को बाहर निकाला गया था और इसी दौरान बोरवेल खुला रह गया।
पास में खेल रहा नौ साल का भोमाराम अचानक बोरवेल में गिर गया। घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसके बाद बचाव दल को मौके पर बुलाया गया।
बताया जा रहा है कि भोमाराम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। ऐसे में परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चे के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
1050 फीट से ज्यादा गहरा है बोरवेल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस बोरवेल में बालक गिरा है, उसकी गहराई 1050 फीट से अधिक बताई जा रही है। बच्चे के करीब 640 फीट की गहराई पर फंसे होने की जानकारी सामने आई है।
इतनी अधिक गहराई के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मौके पर पहुंची मतौड़ा पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया। बचाव दल बच्चे की स्थिति का पता लगाने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही, कैमरे से निगरानी की कोशिश
बचाव अभियान के दौरान बोरवेल के भीतर बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही कैमरा डालकर उसकी स्थिति जानने और उससे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
बचाव दल का पूरा ध्यान बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।
परिवार की निगाहें बचाव अभियान पर टिकीं
भोमाराम के बोरवेल में गिरने की खबर से पूरे इलाके में चिंता का माहौल है। परिवार के लिए हर पल भारी गुजर रहा है। ग्रामीण भी बच्चे के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं।
बोरवेल में बच्चा फंसे होने की घटनाएं एक बार फिर खुले और असुरक्षित बोरवेल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे गड्ढों को खुला छोड़ना बच्चों और आसपास के लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
फिलहाल भोमाराम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। बच्चे की स्थिति और अभियान के अंतिम परिणाम को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।