बेंगलुरु। बलात्कार के दोषी पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जेल कोठरी में सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की छापेमारी के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। बेंगलुरु के पारप्पना अग्रहार सेंट्रल जेल में हुई तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और चार्जर बरामद किया गया है।
जांचकर्ताओं ने मोबाइल फोन से करीब 80 से 90 आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं। इन वीडियोज की विस्तृत फॉरेंसिक जांच चल रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो कहां से डाउनलोड किए गए, कब किए गए और इनमें क्या सामग्री है।
डीजीपी आलोक कुमार का बयान
कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “प्रज्वल के बैरक की 4-5 घंटे तक तलाशी ली गई थी। उसने जेल के तय किए गए कपड़े भी नहीं पहने थे। मैंने खास तौर पर इस बारे में सवाल किया। हमें तीन महीने पहले इसकी शिकायत मिली थी और उस समय मैंने एक मेमो जारी किया था।”
डीजीपी के बयान से साफ है कि जेल प्रशासन को पहले से ही प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ शिकायत मिली हुई थी, जिसके बाद आंतरिक मेमो जारी किया गया था। इसके बावजूद कोठरी से प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद होना जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मामले की पृष्ठभूमि
प्रज्वल रेवन्ना बलात्कार के मामले में दोषी करार दिए जा चुके हैं और वर्तमान में पारप्पना अग्रहार सेंट्रल जेल में बंद हैं। पूर्व सांसद पर कई महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण और बलात्कार के आरोप लगे थे। कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था।
जेल में बंद कैदी के पास मोबाइल फोन और पेन ड्राइव मिलना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जेल मैनुअल के अनुसार कैदियों के पास ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
आगे की कार्रवाई
बरामद मोबाइल और पेन ड्राइव की फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये उपकरण जेल में कैसे पहुंचे और क्या इसमें जेल कर्मचारियों की कोई भूमिका है।
इस बरामदगी के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी उठने लगी है। विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों ने जेल प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है।
प्रज्वल रेवन्ना की जेल कोठरी से मोबाइल-पेन ड्राइव बरामद, 80-90 आपत्तिजनक वीडियो मिले;
डीजीपी ने दिए बड़े खुलासे
9