**मेटा डिस्क्रिप्शन:** प्रणवी उर्स एशियन गेम्स 2026 में गोल्फ़ स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। जानिए फ़ाइनल राउंड की कहानी और भारत के टीम रजत की पूरी जानकारी।
मैसूरु की 23 वर्षीय गोल्फ़र प्रणवी उर्स ने शनिवार (3 अक्टूबर) को जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 की महिला व्यक्तिगत गोल्फ़ स्पर्धा का स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। वे इस स्पर्धा में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। उन्होंने कुल 15-अंडर 265 का स्कोर बनाया।
फ़ाइनल राउंड का रोमांच
प्रणवी ने आख़िरी राउंड की शुरुआत रात भर की तीन शॉट की बढ़त के साथ की थी, लेकिन तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के साथ उन्हें शुरुआती झटका लगा। इसके बाद उन्होंने तीन बर्डी लगाकर वापसी की और संयम बनाए रखते हुए स्वर्ण की दौड़ में बनी रहीं। दबाव के बीच उनकी शांत खेल शैली की रिपोर्टों में तारीफ़ हुई।
टीम स्पर्धा में रजत
प्रणवी ने अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ भारत को महिला टीम स्पर्धा में रजत दिलाया। स्वर्ण चीन के नाम रहा। यह एशियाई खेलों में भारत का पहला महिला टीम गोल्फ़ पदक भी है। रिपोर्टों में इसे महिला गोल्फ़ में भारत का “ऐतिहासिक डबल” कहा गया।
24 साल का इंतज़ार ख़त्म
यह एशियाई खेलों में भारत का 2002 के बाद पहला गोल्फ़ स्वर्ण है, जब शिव कपूर ने पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा जीती थी। इससे पहले इन खेलों में भारत का एकमात्र महिला गोल्फ़ पदक अदिति अशोक का हांगझू 2023 का व्यक्तिगत रजत था।
प्रणवी ने क्या कहा
प्रणवी ने कहा कि “पहला हमेशा पहला ही होता है”, और वे इसी सोच के साथ बड़ी हुईं। उनके मुताबिक़ IGPL में उनकी जीत शानदार थी, पर यह स्वर्ण उससे बढ़कर है।
प्रधानमंत्री और खेल जगत की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रणवी को महिला व्यक्तिगत गोल्फ़ में भारत का पहला स्वर्ण जीतने पर बधाई दी। PGTI के CEO अमनदीप जोहल ने भारत में महिला गोल्फ़ की बढ़ती गहराई और ताक़त की सराहना की।
आगे की राह
यह जीत आने वाली पीढ़ी की महिला गोल्फ़रों के लिए प्रेरणा मानी जा रही है, क्योंकि गोल्फ़ में भारतीय महिलाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह एक बड़ा क्षण है।