
महिला बैगपाइपर बैंड ने दी आकर्षक प्रस्तुति
आरक्षक सोनबती ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश के पहले महिला बैगपाइपर बैंड ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में आर्कषक प्रस्तुति दी। 20वीं भारत रक्षित वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 35 सदस्यों के इस बैगपाइपर बैंड द्वारा क्विक मार्च में इंडिया गेट, केसरिया बाना, हार्श मेन, शांति सेना और पुलकित हिमालय जैसी धुनें बजाई गई। बैंड ने स्लो मार्च में नवरंगी और तर्शपे रील, ड्रम कॉल भी सुनाया। बैंड के सदस्यों ने अपने हाथों में सेरेमोनियम मेस बैंड, बेस, टेनर, साइड ड्रम और बैगपाइपर जैसे वाद्ययंत्रों पर मोहक धुनें बजाकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया।

इस बैगपाइपर महिला बैंड ने 2022 में हरियाणा के पंचकुला में आईटीबीपी के बीटीसी मानु में 6 महीनों तक कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस बैगपाइपर बैंड ने 25 वीं अखिल भारतीय पुलिस बैंड प्रतियोगिता दीमापुर नागालैंड में 2024 में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। यह प्रतियोगिता असम रायफल्स के दीमापुर प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हुई थी। 26वीं अखिल भारतीय पुलिस पाईप बैंड हैदराबाद में आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दल को गोल्ड मेडल भी मिला था। इस प्रतियोगिता में सोनबती ठाकुर ने बेस्ट कंडक्टर और पूरे प्लाटून में ऑल राउंडर द बेस्ट का खिताब भी जीता था।
डॉग स्क्वाड द्वारा रोमांचक एवं उपयोगी प्रदर्शन
स्वतंत्र दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ पुलिस के डॉग स्क्वाड ने भी अपनी दक्षता, अनुशासन, सुंघने की शक्ति का रोमांचक प्रदर्शन किया। स्क्वाड प्रभारी श्री राज कपूर के नेतृत्व में 7 विधााओं में डॉग स्क्वाड के श्वानों द्वारा अपने हैंडलर्स के निर्देशों का पालन प्रदर्शन करने पर उपस्थित जनसमुदाय भी रोमांच से भर गया। पुलिस डॉग मैक्स ने सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रशिक्षित श्वानों ने कमल फूल की आकृति में खुद को व्यवस्थित कर खूब तालियां बटोरी। श्वानों द्वारा गोल रिंग में सिट, डाउन, रेस्ट स्लीप, रोल और अप जैसे निर्देश पूरी दक्षता से पूरे किये। वहीं गोल रिंग में जल रही आग के बीच से श्वान दुलार, मेरी और शिवा ने छलांग लगाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। पुलिस परेड ग्राउंड पर इन प्रशिक्षित श्वानों ने जमीन में दबे विस्फोटक पदार्थों और नारकोटिक सामग्रियों को भी बड़ी तीव्रता से ढूंढ निकाला। श्वानों ने कई गंधों के मिश्रण से एक निर्धारित गंध की पहचान करने रूमाल सूंघ कर संबंधित व्यक्ति को पहचानने का भी प्रदर्शन किया।