कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में जंगली भालू के हमले की दर्दनाक घटना सामने आई है। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला क्षेत्र में एक बीमार और आक्रामक मादा भालू ने दो सगे भाई-बहनों पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने पहुंची उनकी दूसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान भालू ने भाई-बहन पर अचानक हमला किया। इस दौरान सोरिन जुर्री (30) ने अपने परिजनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन भालू ने उस पर भी हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सोरिन को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर के हायर सेंटर रेफर किया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, घटना से पहले मंगलवार सुबह गांव के स्कूल के पीछे से अजीब आवाजें सुनाई दी थीं। जब ग्रामीणों ने मौके पर जाकर देखा तो एक मादा भालू अपने बच्चे को नुकसान पहुंचा रही थी। बताया जा रहा है कि दिनभर चले इस घटनाक्रम के कारण भालू बेहद आक्रामक हो गई थी।
बुधवार को यही मादा भालू गांव के पास पहुंची और भाई-बहन पर हमला कर दिया। घटना के बाद भालू काफी देर तक शवों के आसपास घूमती रही, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
इसी बीच ग्राम देवगांव में भी एक अन्य भालू के हमले में 67 वर्षीय देवबली ध्रुव की मौत हो गई। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। वन अमले ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की और आक्रामक भालू को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया।
वन विभाग की ओर से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है और ग्रामीणों को जंगल तथा आसपास के इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।