नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में बुधवार को दो महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी मिल गई। एक ओर लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस (संशोधन) विधेयक पारित किया, वहीं राज्यसभा ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी।
बैंकर्स बुक्स एविडेंस (संशोधन) विधेयक क्या है?
लोकसभा से पारित इस विधेयक का उद्देश्य बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़े पुराने कानूनों को आधुनिक बनाना है। अब डिजिटल बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को कानूनी प्रक्रिया में अधिक स्पष्ट और प्रभावी मान्यता मिलेगी। इससे अदालतों में बैंक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आसान होगी और मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या क्यों बढ़ाई गई?
राज्यसभा ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाले संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि देश में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अधिक न्यायाधीश नियुक्त होने से मामलों की सुनवाई तेज होगी और लोगों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
सरकार के अनुसार, न्यायपालिका पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए यह फैसला आवश्यक था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अधिक बेंच बैठ सकेंगी, जिससे लंबित मामलों का बोझ कम होने की संभावना है।
विधेयकों के पारित होने के बाद अब इन्हें राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ये कानून के रूप में लागू हो जाएंगे।