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जापान बनाएगा महाशक्तिशाली सेना, चीन-रूस और उत्तर कोरिया के खतरे के बीच ड्रोन व AI युद्ध की तैयारी

दूसरे विश्व युद्ध के बाद आत्मरक्षा तक सीमित जापान अब अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने में जुटा है। रक्षा श्वेत पत्र में चीन को सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती बताते हुए ड्रोन, एआई और लंबी दूरी की मिसाइलों पर जोर दिया गया है।

by desk

जापान ने अपनी सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव करते हुए अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद से आत्मरक्षा तक सीमित रहने वाला जापान अब ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित नई युद्ध रणनीति तैयार कर रहा है।

जापान सरकार ने अपने वार्षिक रक्षा श्वेत पत्र में चीन, रूस और उत्तर कोरिया को प्रमुख सुरक्षा चुनौतियों के रूप में बताया है। रिपोर्ट में चीन को जापान के लिए सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती बताया गया है।

ड्रोन और AI से बदलेगा जापान का युद्ध तरीका

जापान ने कहा है कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। यूक्रेन युद्ध में ड्रोन के प्रभावी इस्तेमाल को देखते हुए जापान अपनी सेना में इन तकनीकों को शामिल करने की योजना बना रहा है।

रक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए जापान को अपनी सैन्य क्षमता में तेजी से सुधार करना होगा।

चीन को बताया सबसे बड़ा खतरा

जापान के रक्षा श्वेत पत्र में चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई है। जापान का कहना है कि प्रशांत महासागर क्षेत्र में चीनी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की बढ़ती गतिविधियां उसकी सुरक्षा के लिए चुनौती हैं।

जापान को आशंका है कि अगर चीन ताइवान के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई करता है तो उसका असर जापान की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

लंबी दूरी की मिसाइलों पर बढ़ा फोकस

जापान ने हाल के वर्षों में अपने रक्षा बजट में लगातार वृद्धि की है। देश ने लंबी दूरी तक हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों को तैनात करना भी शुरू कर दिया है।

इसके अलावा जापान तटीय रक्षा प्रणाली को मजबूत करने और हथियार उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद बदली नीति

दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान ने अपने संविधान के तहत सेना को केवल आत्मरक्षा तक सीमित रखा था। लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अब जापान अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव कर रहा है।

सरकार का कहना है कि मजबूत रक्षा उद्योग न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।

एशिया में बढ़ता सैन्य तनाव

चीन, रूस और उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों के बीच जापान का यह कदम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। जापान अब अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर आधुनिक हथियारों और नई तकनीकों पर आधारित रक्षा प्रणाली तैयार कर रहा है।

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