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धीरे-धीरे धुंधली हो रही नजर? UV किरणों से बचाव समेत ये 6 आदतें कम कर सकती हैं मोतियाबिंद का खतरा

मोतियाबिंद उम्र बढ़ने के साथ होने वाली आम समस्या है, लेकिन डायबिटीज, धूम्रपान, ज्यादा धूप और खराब जीवनशैली से इसका खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सावधानियां इसकी प्रगति को धीमा करने में मदद कर सकती हैं।

by desk

अगर आपकी नजर धीरे-धीरे धुंधली होने लगी है, रोशनी में परेशानी महसूस होती है या चीजें पहले जैसी साफ दिखाई नहीं देतीं, तो यह मोतियाबिंद (Cataract) का संकेत हो सकता है। मोतियाबिंद दुनिया भर में नजर कमजोर होने के प्रमुख कारणों में से एक है।

बढ़ती उम्र इसका सबसे बड़ा कारण माना जाता है, लेकिन आजकल डायबिटीज, धूम्रपान, अत्यधिक धूप, खराब खानपान और लंबे समय तक कुछ दवाओं के इस्तेमाल के कारण कम उम्र में भी इसका खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि मोतियाबिंद बनने के बाद इसे दवाओं से पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन कुछ स्वस्थ आदतों को अपनाकर इसकी प्रगति को धीमा किया जा सकता है।

मोतियाबिंद क्यों होता है?

आंख का प्राकृतिक लेंस प्रोटीन और पानी से बना होता है। उम्र बढ़ने के साथ इन प्रोटीन में बदलाव आने लगता है और लेंस धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है। इसी स्थिति को मोतियाबिंद कहा जाता है।

इसके अलावा कई अन्य कारण भी इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं:

  • डायबिटीज
  • लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का सेवन
  • आंखों पर चोट
  • ज्यादा समय तक UV किरणों का संपर्क
  • धूम्रपान
  • आनुवंशिक कारण

1. आंखों को UV किरणों से बचाएं

तेज धूप में लंबे समय तक रहने से आंखों के लेंस पर ऑक्सीडेटिव डैमेज बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बाहर निकलते समय UV400 सुरक्षा वाले सनग्लासेस और चौड़ी टोपी का इस्तेमाल आंखों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

खासकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में आंखों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।

2. ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें

डायबिटीज के मरीजों में हाई ब्लड शुगर आंखों के लेंस में बदलाव ला सकता है और मोतियाबिंद का खतरा बढ़ा सकता है।

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए:

  • संतुलित भोजन करें
  • नियमित व्यायाम करें
  • समय-समय पर जांच करवाएं
  • डॉक्टर की सलाह का पालन करें

3. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन लें

आंखों की सेहत के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, टमाटर, संतरा, अमरूद, शिमला मिर्च, बादाम और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

इनमें मौजूद विटामिन C, विटामिन E, ल्यूटिन और जिएक्सैंथिन आंखों को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं।

4. धूम्रपान छोड़ें

सिगरेट का धुआं शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ाता है, जिससे आंखों के लेंस को नुकसान पहुंच सकता है। कई अध्ययनों में धूम्रपान और मोतियाबिंद के बढ़ते खतरे के बीच संबंध पाया गया है।

धूम्रपान छोड़ने से आंखों के साथ-साथ दिल और फेफड़ों की सेहत भी बेहतर होती है।

5. नियमित आंखों की जांच करवाएं

40 साल की उम्र के बाद नियमित नेत्र जांच जरूरी मानी जाती है। अगर परिवार में आंखों से जुड़ी बीमारी का इतिहास रहा है तो जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

समय पर जांच होने से डॉक्टर मोतियाबिंद की स्थिति पर नजर रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर सही समय पर इलाज की सलाह दे सकते हैं।

6. बिना डॉक्टर की सलाह स्टेरॉयड न लें

लंबे समय तक स्टेरॉयड टैबलेट, इंजेक्शन या आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कुछ लोगों में मोतियाबिंद का खतरा बढ़ा सकता है।

इसलिए स्टेरॉयड दवाओं का उपयोग हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

मोतियाबिंद का इलाज

मोतियाबिंद को दवाओं या घरेलू उपायों से खत्म नहीं किया जा सकता। जब यह रोजमर्रा के कामों में परेशानी पैदा करने लगे, तो सर्जरी सबसे प्रभावी इलाज माना जाता है।

समय पर जांच, स्वस्थ जीवनशैली और आंखों की सही देखभाल से लंबे समय तक नजर को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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