नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर) में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया सेमीकॉन इंडिया 2026 का तीन दिवसीय आयोजन आज संपन्न हो गया। “सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण” थीम पर आधारित इस आयोजन ने भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को वैश्विक मंच पर मजबूती से पेश किया।
आयोजन में कितनी रही भागीदारी
इस बार के आयोजन में 600 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल थीं। कार्यक्रम में 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से ज्यादा एग्जीक्यूटिव्स और 150 से अधिक वक्ता मौजूद रहे। आयोजकों के मुताबिक तीनों दिनों में कुल मिलाकर करीब 50,000 विजिटर्स ने इस टेक्नोलॉजी इवेंट का दौरा किया, जो अब तक के सेमीकॉन इंडिया आयोजनों में सबसे बड़ी भागीदारी में से एक है।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा
आयोजन के दौरान चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड पैकेजिंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे विषयों पर वैश्विक CEOs, उद्योग जगत के दिग्गजों और सरकारी अधिकारियों ने कई कीनोट सेशन और पैनल डिस्कशन किए। इसके अलावा स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, छात्र हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस जैसे आयोजनों ने उभरती कंपनियों, शोधकर्ताओं और छात्रों को अपने विचार और तकनीक पेश करने का मंच भी दिया।
भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति पर जोर
समापन सत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों ने दोहराया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में से कई का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है, और आने वाले समय में सेमीकॉन 2.0 के तहत घरेलू सप्लाई चेन को और मजबूत करने की योजना है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई भारतीय कंपनियों ने इस दौरान नई साझेदारियों और डील्स की भी घोषणा की।
आगे की राह
आयोजकों और सरकार का मानना है कि सेमीकॉन इंडिया 2026 भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद और आत्मनिर्भर साझेदार के तौर पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है। अगले वर्ष के आयोजन को लेकर उद्योग जगत में पहले से ही उत्सुकता देखी जा रही है।
Read more:-PM मोदी का रोजगार मेला: आज फिर हजारों युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र, जानें क्या है यह पहल…