मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, औद्योगिक निवेश, डिजिटल प्रशासन, ग्रामीण अधोसंरचना, सार्वजनिक वित्त प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।
BEML का पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित होगा
कैबिनेट ने भारत सरकार के मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की मंजूरी प्रदान की। यह छत्तीसगढ़ में इस प्रकार का पहला बड़ा औद्योगिक निवेश होगा। संयंत्र की स्थापना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, मशीन निर्माण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को भी नई संभावनाएं प्राप्त होंगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विनिर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
PWD में लागू होगा WAMIS डिजिटल सिस्टम
राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) के प्रथम चरण को मंजूरी दी है। इस डिजिटल प्रणाली के लागू होने के बाद सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इसमें ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ग्रामीण सड़क निर्माण को मिलेगी नई गति
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब ग्रामीण क्षेत्रों की आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण भी योजना के तहत कराया जा सकेगा। इसके अलावा सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के माध्यम से मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण विकास परियोजनाओं में देरी कम होगी और गांवों में सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूरे किए जा सकेंगे।
ADB की तकनीकी सहायता परियोजना को स्वीकृति
कैबिनेट ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की ‘अंजोर LIGHT’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये के पूर्ण अनुदान को स्वीकार करने का निर्णय लिया। यह परियोजना 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक संचालित होगी। इसके माध्यम से सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), ग्रीन फाइनेंस, सरकारी उपक्रमों की कार्यक्षमता और वित्तीय सुधारों पर विशेष कार्य किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा क्योंकि पूरी राशि अनुदान के रूप में प्राप्त होगी।
राज्य योजनाओं में लागू होगा S-SNA मॉडल
बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने का भी निर्णय लिया गया। इस व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से सीधे हितग्राहियों, विभागों और वेंडरों तक पहुंचाई जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज होगी, धनराशि के उपयोग की बेहतर निगरानी हो सकेगी और वित्तीय पारदर्शिता तथा जवाबदेही में सुधार आएगा। साथ ही नकदी प्रबंधन भी अधिक प्रभावी होगा।
ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी वित्तीय मजबूती
राज्य की बिजली उत्पादन कंपनी छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी करने तथा उन्हें स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की अनुमति दी गई है। इस निर्णय से कंपनी को बाजार से वित्तीय संसाधन जुटाने में आसानी होगी। प्राप्त राशि का उपयोग बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई परियोजनाओं के विकास और ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने में किया जाएगा।
विकास और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। औद्योगिक निवेश, डिजिटल प्रशासन, आधुनिक वित्तीय प्रणाली, बेहतर सड़क नेटवर्क और मजबूत ऊर्जा क्षेत्र के माध्यम से सरकार छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास कर रही है। साथ ही इन निर्णयों से रोजगार के अवसर बढ़ने, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता आने और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।