नई दिल्ली। देश इस साल स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले पारंपरिक ‘At Home’ रिसेप्शन को लेकर तैयारियां चर्चा में हैं। इस वर्ष समारोह के निमंत्रण पत्र को भी भारतीय कला और संस्कृति की विविधता को दर्शाने वाला बनाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘At Home’ कार्यक्रम में करीब 650 मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। खास बात यह है कि निमंत्रण किट में महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को प्रमुखता दी गई है।
छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों को मिला खास मौका
इस साल के निमंत्रण से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिला है। बस्तर के शिल्पकारों ने निमंत्रण से जुड़ी खास किट तैयार करने में योगदान दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 50 बस्तर शिल्पकारों की कारीगरी इसमें शामिल है।
यह पहल केवल एक सरकारी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि देश की विविध लोककलाओं और स्थानीय शिल्प परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का प्रयास भी मानी जा रही है।
क्या होता है ‘At Home’ रिसेप्शन?
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला ‘At Home’ एक पारंपरिक औपचारिक समारोह है। इसमें देश के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया जाता है।
इस वर्ष समारोह इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि भारत 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाएगा और आयोजन के जरिए देश की सांस्कृतिक विविधता को भी सामने लाने की कोशिश की जा रही है।
संस्कृति और पर्यावरण का संदेश
इस बार ‘At Home’ के निमंत्रण की थीम में भारत की हस्तनिर्मित और जनजातीय विरासत के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी उभरकर सामने आया है। चार राज्यों की अलग-अलग कला परंपराओं को एक साथ प्रस्तुत कर देश की ‘विविधता में एकता’ की तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई है।
राष्ट्रपति भवन का यह ‘At Home’ समारोह इस बार सिर्फ स्वतंत्रता दिवस का औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की लोककला, जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक विविधता को देश के सामने रखने वाला खास अवसर बनने जा रहा है।
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