नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार में जल्द बड़े मंत्रिमंडलीय फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, संभावित फेरबदल में करीब 15 से 17 नए नेताओं को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल को लेकर सरकार अथवा भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
नए और युवा चेहरों को मिल सकता है मौका
संभावित कैबिनेट फेरबदल में युवा नेताओं और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है। आगामी विधानसभा चुनावों और वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने पर विचार कर सकती है।
कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने की भी संभावना
चर्चा है कि केवल नए मंत्रियों की नियुक्ति ही नहीं, बल्कि मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया जा सकता है। जिन मंत्रियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी है, उनके कार्यभार में बदलाव की संभावना पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
खाली पदों पर भी रहेगी नजर
मौजूदा मंत्रिपरिषद में नए सदस्यों को शामिल करने की संवैधानिक गुंजाइश मौजूद है। ऐसे में संभावित विस्तार के दौरान नए सहयोगी दलों और विभिन्न राज्यों के नेताओं को प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल 17 नए चेहरों की एंट्री और मंत्रियों के विभागों में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में संभावित फेरबदल से जुड़ी खबरों की अंतिम पुष्टि सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक घोषणा के बाद ही हो सकेगी।
मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है और अब सभी की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले फैसले पर टिकी हुई है।