नई दिल्ली। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दिए हैं। अंतरिक्ष से ली गई सैटेलाइट तस्वीर में भारत से लेकर चीन तक करीब 4,000 किलोमीटर लंबी घने बादलों की पट्टी दिखाई दी है। इस बादल प्रणाली के चलते कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बंगाल की खाड़ी में बना नया सिस्टम
मौसम की इस गतिविधि के पीछे बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम सिस्टम को अहम माना जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश हो सकती है। इसका असर भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार और चीन के कुछ क्षेत्रों तक भी देखने को मिल सकता है।
मानसून की विदाई के बीच बदला मौसम
आमतौर पर सितंबर के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से धीरे-धीरे वापस लौटता है। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ा सकते हैं। ऐसे में मानसून की विदाई के बावजूद कुछ क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना रहती है।
किन इलाकों पर पड़ सकता है असर?
मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी और मध्य भारत तथा उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि किसी स्थान पर बारिश की तीव्रता और अवधि स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
सैटेलाइट तस्वीर ने खींचा ध्यान
अंतरिक्ष से ली गई तस्वीर में हजारों किलोमीटर तक फैली बादलों की यह पट्टी मौसम प्रणाली के बड़े क्षेत्र में सक्रिय होने का संकेत दे रही है। हालांकि केवल सैटेलाइट तस्वीर के आधार पर किसी एक शहर में भारी बारिश की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान और चेतावनियों को देखना जरूरी है।
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