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कैंसर मरीजों के बीच गाती थीं ज्योतिर्मयी, उन्हीं के आशीर्वाद से जीता Indian Idol का खिताब; जानिए Odisha की बेटी की पूरी कहानी

by desk

कभी अस्पताल में मरीजों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए गाती थीं, आज Indian Idol 16 की ट्रॉफी उनके हाथ में है

भुवनेश्वर। मंच पर हजारों दर्शकों की तालियां, सामने देश के मशहूर सिंगिंग जज और हाथ में Indian Idol की ट्रॉफी… ओडिशा की ज्योतिर्मयी नायक की यह तस्वीर जितनी चमकदार है, उसके पीछे की कहानी उतनी ही भावुक कर देने वाली है। Indian Idol Season 16 की विजेता बनने से पहले ज्योतिर्मयी संगीत के जरिए कैंसर मरीजों के बीच उम्मीद और सुकून बांटने का काम कर चुकी हैं। 26 जुलाई 2026 को हुए ग्रैंड फिनाले में ज्योतिर्मयी ने खिताब अपने नाम किया और उन्हें 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली।

संगीत सिर्फ करियर नहीं, मरीजों के लिए सहारा बना

ज्योतिर्मयी ने म्यूजिक थेरेपी की ट्रेनिंग ली और अस्पताल में इंटर्नशिप के दौरान कैंसर मरीजों के साथ काम किया। उन्होंने बताया कि संगीत के जरिए मरीजों को मानसिक शांति और भावनात्मक सहारा मिलता था। कई मरीज उनके गाने सुनकर खुश होते थे और उन्हें Indian Idol जैसे बड़े मंच पर देखने की इच्छा जताते थे।

उनके लिए ये मरीज सिर्फ उनके श्रोता नहीं थे। उनके साथ बिताए अनुभवों ने ज्योतिर्मयी के भीतर संगीत को लेकर एक अलग नजरिया पैदा किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि म्यूजिक थेरेपी ने उन्हें ज्यादा संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण बनाया।

एक मरीज की कहानी आज भी याद है

ज्योतिर्मयी ने एक इंटरव्यू में एक कैंसर मरीज मानिया तिर्के का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मरीज उनसे खास गाने सुनने के लिए कहती थीं। यहां तक कि एक ऐसा गाना सीखने की कोशिश भी उन्होंने की, जिसे वह पहले नहीं जानती थीं।

बाद में उन्हें पता चला कि उस मरीज ने उनके बारे में तब भी पूछा था जब वह वहां जाना बंद कर चुकी थीं। मरीज के निधन की खबर ने उन्हें बेहद भावुक कर दिया। ज्योतिर्मयी ने कहा कि उस अनुभव की याद आज भी उनके साथ है।

ओडिशा की जानी-पहचानी गायिका थीं

राष्ट्रीय स्तर पर Indian Idol ने ज्योतिर्मयी को पहचान दिलाई, लेकिन ओडिशा में वह पहले से ही संगीत की दुनिया में सक्रिय थीं। उन्होंने ओडिया संगीत और फिल्मों के लिए गायन किया है। उनका संगीत सफर बचपन से शुरू हुआ और उन्होंने हिंदुस्तानी क्लासिकल सहित अलग-अलग शैलियों में प्रशिक्षण लिया।

उन्होंने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की। इसके बाद संगीत के उपचारात्मक पहलू को समझने के लिए म्यूजिक थेरेपी की पढ़ाई की और 2023 में इस क्षेत्र में प्रशिक्षण पूरा किया।

Indian Idol के मंच पर बदली कहानी

Season 16 में ज्योतिर्मयी ने लगातार दमदार प्रदर्शन किया। शो के दौरान उनकी आवाज के साथ उनकी कहानी ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। इस सीजन में श्रेया घोषाल, विशाल ददलानी और बादशाह जज थे।

वे जानबूझकर पार्टिसिपेट करने नहीं गई थीं। अपने कुछ स्टूडेंट्स को ऑडिशन के लिए तैयार करवाने गई थीं। खुद परफॉर्म किया और आगे बढ़ गईं। पहले 2019 में (और स्कूल के दिनों में भी) ऑडिशन दे चुकी थीं लेकिन रिजेक्ट हो गई थीं। इस बार जजों (खासकर श्रेया घोषाल) को उनकी कहानी और आवाज ने भावुक कर दिया। उन्होंने म्यूजिक थेरेपी वाली बात शेयर की, जिससे जज प्रभावित हुए। गोल्डन टिकट मिला और टॉप 16 से आगे बढ़ती गईं।

उनकी मोटिवेशन म्यूजिक को सिर्फ आर्ट नहीं, सेवा मानना है। वे कहती हैं कि आवाज सिर्फ सुनाए नहीं, हील करे—कैंसर पेशेंट्स के लिए करेज का सोर्स बने। पेशेंट्स के आशीर्वाद और खुशी से उन्हें खुद ताकत मिलती थी। Indian Idol में भी वे कहते हैं कि पेशेंट्स की वजह से ही पहुँचीं। वे भावुक, स्पिरिचुअल (जगन्नाथ जी से जुड़ाव) और सीखने वाली स्वभाव की हैं। परिवार का पूरा सपोर्ट रहा। अब बॉलीवुड प्लेबैक का सपना भी है, साथ ही हीलिंग का काम जारी रखना चाहती हैं।

म्यूजिक थेरेपी और कैंसर पेशेंट्स

2023 में म्यूजिक थेरेपी कोर्स के बाद भुवनेश्वर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और पैलिएटिव केयर फैसिलिटी में कैंसर पेशेंट्स (और उनके केयरगिवर्स, प्रेग्नेंट महिलाओं, डिप्रेशन/एंग्जायटी वालों) को थेरेपी देती थीं। भजन (खासकर जगन्नाथ जी के) और पेशेंट की पसंद के गाने गातीं। हाथ पकड़कर या सिर सहलाकर गातीं, जिससे दर्द, एंग्जायटी, डिप्रेशन और डर कम होता था। पेशेंट्स खुश हो जाते, मुस्कुराते या रोते भी। कुछ पेशेंट्स ने उन्हें Indian Idol में जाने के लिए प्रेरित किया और आशीर्वाद दिए—उन्होंने जीत का श्रेय इन्हीं को दिया।

आपके बताए “हाथ से ताली करने पर और ज्यादा राख बन जाती है” वाला हिस्सा उपलब्ध रिपोर्ट्स में स्पष्ट नहीं मिला। शायद ऑडिशन या किसी खास बातचीत का हिस्सा हो, या याद का थोड़ा फर्क। वे मुख्य रूप से गाने और टच के जरिए हीलिंग की बात करती हैं।

पिता चक्रधर नायक (Chakradhar Nayak) कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करते हैं।माता गौरी/गौरी नायक (Gauri/Gouri Nayak) गृहिणी हैं।उन्हें खुद गाने का बहुत शौक था और वे गायक बनना चाहते थे, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों और अवसरों की कमी के कारण अपना सपना छोड़ना पड़ा।

ज्योतिर्मयी का अनुभव

उन्होंने बताया कि म्यूजिक थेरेपी का कॉन्सेप्ट उन्हें बहुत आकर्षित करता था। ओडिशा में अच्छे विकल्प न होने के कारण उन्होंने CSMT में दाखिला लिया।

उन्होंने कई इंटरव्यू में बताया:

“म्यूजिक थेरेपी शब्द ने मुझे आकर्षित किया। मैंने चेन्नई स्कूल ऑफ म्यूजिक थेरेपी में दाखिला लिया और 2023 में कोर्स पूरा किया। मैंने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरन्शिप की, जहाँ मेरा काम पैलिएटिव ट्रीटमेंट के जरिए म्यूजिक थेरेपी देना था। यह बहुत अच्छा काम करता था और जब मैंने पेशेंट्स को कम दर्द के साथ रिकवर होते देखा, तो मुझे बहुत खुशी हुई।”

  • पहले 6 महीने ऑनलाइन क्लासेस कीं।
  • फिर ऑफलाइन क्लासेस के लिए चेन्नई गईं, लेकिन वहाँ रहकर पूरा इंटरन्शिप करना मुश्किल था।
  • इसलिए 2023 में भुवनेश्वर लौटकर स्थानीय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में क्लिनिकल केयर में म्यूजिक थेरेपी की इंटरन्शिप पूरी की।

संघर्ष (Struggles)

उनका सफर आसान नहीं रहा:

  • बार-बार रिजेक्शन: Indian Idol के लिए 3-4 बार ऑडिशन दिया (स्कूल के दिनों में और 2019 में मुंबई जाकर)। रिजेक्ट होने के बाद करीब 3 साल कोशिश बंद कर दी क्योंकि लगा कि यह उनके लिए नहीं है। फिर अचानक एक दिन स्टूडेंट को तैयार करते हुए फिर से कोशिश करने का मन बना।

    “मुझे डर नहीं था रिजेक्शन का क्योंकि मैं पहले ही इसका सामना कर चुकी थी।”

  • आवाज का संकट: Indian Idol के दौरान गले की गंभीर समस्या हो गई, जिससे कुछ समय तक गाना भी मुश्किल हो गया।

    “मेरा सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक ऐसा फेज आया जब गले की गंभीर समस्या की वजह से मैं गा नहीं पा रही थी। उस स्टेज से फाइनल तक पहुँचकर ट्रॉफी जीतना अविश्वसनीय यात्रा रही।”

  • प्रेशर और सेल्फ-डाउट: शो बहुत लंबा चला (लगभग 10 महीने)। स्वास्थ्य समस्याएँ, मौसमी बदलाव, खान-पान की आदतें बदलना, मानसिक दबाव और हर परफॉर्मेंस के बाद खुद को साबित करने की जरूरत। कभी बॉटम में आने पर भावनात्मक रूप से टूट भी गईं।

    “बहुत प्रेशर था। मैं सोचती रहती थी कि आगे क्या, कैसे सुधारूँ, और क्या कर सकती हूँ।”

  • टेक्निकल जॉब छोड़ना: B.Tech के बाद बेंगलुरु की एक टेक कंपनी से जॉब ऑफर आया, लेकिन म्यूजिक और हीलिंग के लिए उन्होंने मना कर दिया।

उपलब्धियाँ

  • Indian Idol 16 विजेता (26 जुलाई 2026) — ट्रॉफी + ₹20 लाख। ओडिशा से पहली विजेता। फाइनल में ‘Saiyaan O Saiyaan’ गाया। रनर-अप तनिष्क शुक्ला।
  • ओडिया इंडस्ट्री में 1000+ गाने।
  • कई परफॉर्मेंस पर खास तारीफ: हेमा मालिनी का स्टैंडिंग ओवेशन, लीना चंद्रावकर की तारीफ, श्रेया घोषाल की प्रशंसा (वोकल्स और मॉड्यूलेशन के लिए)।
  • सीजन बहुत लंबा (लगभग 9-10 महीने) चला।

 

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