1 अक्टूबर 2026 से Meta WhatsApp Business Platform पर सर्विस मैसेज के लिए प्रति मैसेज शुल्क लगाएगा। सर्विस मैसेज वे खुले जवाब हैं जो कोई बिज़नेस ग्राहक की तरफ़ से बातचीत शुरू होने के 24 घंटे की खिड़की में भेजता है। ये पहले मुफ़्त थे। यह शुल्क सिर्फ़ इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों के लिए है, आम WhatsApp यूज़र्स के निजी संदेशों पर कोई नया चार्ज नहीं लगेगा।
भारत की दरें
भारत में 1 अक्टूबर की रेट कार्ड के मुताबिक़ यूटिलिटी, ऑथेंटिकेशन और सर्विस मैसेज ₹0.115 प्रति डिलीवर मैसेज (GST से पहले) रहेंगे। मार्केटिंग मैसेज ₹0.8631 पर हैं, जो जनवरी 2026 में क़रीब 10% बढ़कर ₹0.7846 से यहाँ पहुँची थी। यानी इस बार भारत की मौजूदा दरें नहीं बदलीं, बदलाव यह है कि सर्विस मैसेज अब बिल होंगे।
मुफ़्त सीमा
हर बिज़नेस फ़ोन नंबर को महीने के पहले 1,000 डिलीवर सर्विस मैसेज मुफ़्त मिलेंगे। 1,001वें मैसेज से हर डिलीवर सर्विस मैसेज पर यूटिलिटी दर लगेगी और इसमें कोई वॉल्यूम डिस्काउंट नहीं होगा।
पेमेंट मेथड न होने पर
Meta ने कहा है कि जिन बिज़नेस के पास पेमेंट मेथड दर्ज नहीं होगा, उनके लिए वह सर्विस मैसेज डिलीवर करना बंद कर देगा।
AI जवाबों का हिसाब
अगर जवाब इंसान या किसी तीसरे पक्ष का AI सिस्टम भेजता है, तो वह सर्विस मैसेज माना जाएगा और प्रति मैसेज बिल होगा। Meta Business Agent के जवाबों पर अलग टोकन-आधारित शुल्क है, यानी वैश्विक स्तर पर $2 प्रति दस लाख टोकन। Meta का कहना है कि एक ही मैसेज पर दो बार शुल्क नहीं लगेगा।
किसे फ़र्क़ पड़ेगा
जो छोटे कारोबार ग्राहक सहायता के लिए बहुत मैसेज भेजते हैं, उनकी लागत बढ़ सकती है। कम वॉल्यूम वालों पर सीमित असर होगा।