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छत्तीसगढ़ की साक्षी ने सिलाई मशीन से शुरू किया स्वरोजगार, अब रोज कमा रहीं ₹400 से ₹500…

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से मिली ₹20 हजार की आर्थिक मदद बनी आत्मनिर्भरता का आधार, मुंगेली जिले की साक्षी राजपूत सिलाई के काम से परिवार को दे रहीं आर्थिक सहारा।

by desk

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हो रही हैं। मुंगेली जिले के ग्राम सोढ़ार की रहने वाली साक्षी राजपूत ने मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत मिली ₹20 हजार की आर्थिक सहायता का उपयोग सिलाई मशीन खरीदने में किया। आज वह घर पर ही सिलाई का काम करके प्रतिदिन ₹400 से ₹500 तक की कमाई कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।

साक्षी की यह कहानी बताती है कि सही समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता और मेहनत के दम पर स्वरोजगार की राह तैयार की जा सकती है।

₹20 हजार की सहायता से शुरू किया सिलाई का काम

साक्षी राजपूत ने योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद उन्हें एकमुश्त ₹20 हजार की आर्थिक सहायता मिली। साक्षी ने इस राशि से सिलाई मशीन खरीदी और घर से ही सिलाई का काम शुरू कर दिया।

अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इसे आय का साधन बनाया। अब सिलाई के काम से होने वाली कमाई उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ परिवार की मदद करने में भी सहायक हो रही है।

स्वरोजगार से बढ़ा आत्मविश्वास

घर से काम शुरू करने के कारण साक्षी को अपनी आजीविका अर्जित करने का अवसर मिला है। सिलाई के माध्यम से वह अपने कौशल का उपयोग कर रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

स्वरोजगार शुरू करने के बाद साक्षी ने श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में दर्जी प्रवर्ग के तहत पंजीयन भी कराया है। इससे उन्हें निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार विभागीय योजनाओं का लाभ लेने का अवसर मिल सकता है।

पिता ने बताया, परिवार को मिला आर्थिक सहारा

साक्षी के पिता संजय राजपूत ने बताया कि उन्होंने अपनी दूसरी पुत्री के लिए इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। शासन से मिली सहायता राशि परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई।

इस राशि से साक्षी ने सिलाई मशीन खरीदकर अपना काम शुरू किया। अब उनकी कमाई परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है।

क्या है मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना?

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पात्र अविवाहित पुत्रियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।

योजना के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली 18 से 21 वर्ष की आयु की तथा कक्षा 10वीं उत्तीर्ण पात्र पुत्री को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से एकमुश्त ₹20 हजार की सहायता राशि दी जाती है।

इस राशि का उपयोग शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार को बेहतर बनाने या विवाह संबंधी आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित पात्रता और विभागीय नियमों को पूरा करना जरूरी है।

सरकारी सहायता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कद

साक्षी राजपूत की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकारी सहायता का उपयोग स्वरोजगार शुरू करने के लिए किया जा सकता है। सिलाई मशीन से शुरू हुआ उनका काम अब प्रतिदिन की कमाई का जरिया बन गया है। इससे उन्हें अपने परिवार की मदद करने और भविष्य में काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

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