रायपुर। दिवाली के अवसर पर शेयर बाजार में होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग निवेशकों के लिए खास महत्व रखती है। भारतीय परंपरा में दिवाली को धन, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसी मान्यता के चलते हर साल शेयर बाजार में विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाता है। इस दौरान निवेशक शेयर खरीदते और बेचते हैं। कई लोग इसे नए निवेश की शुभ शुरुआत के रूप में देखते हैं।
क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग?
मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के दिन आयोजित होने वाला शेयर बाजार का विशेष कारोबारी सत्र है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) इस सत्र के लिए समय निर्धारित करते हैं। सामान्य कारोबारी दिनों के मुकाबले यह सत्र सीमित अवधि का होता है।
भारतीय संस्कृति में शुभ मुहूर्त पर नए काम की शुरुआत करने की परंपरा है। इसी सोच के साथ कई निवेशक दिवाली पर शेयर खरीदकर अपने निवेश की शुरुआत करते हैं। कुछ निवेशक इसे प्रतीकात्मक खरीदारी के रूप में देखते हैं, जबकि अनुभवी ट्रेडर्स इस दौरान भी बाजार की चाल और कंपनियों के प्रदर्शन पर ध्यान देते हैं।
मुहूर्त ट्रेडिंग में क्या होता है?
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान निवेशक अपने ट्रेडिंग खातों के माध्यम से शेयरों की खरीद-बिक्री कर सकते हैं। एक्सचेंज के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्री-ओपन, सामान्य ट्रेडिंग और अन्य संबंधित सत्र आयोजित किए जा सकते हैं।
प्री-ओपन सत्र में शुरुआती कीमत तय करने की प्रक्रिया होती है, जबकि सामान्य ट्रेडिंग के दौरान निवेशक निर्धारित नियमों के अनुसार शेयर खरीदने और बेचने के ऑर्डर देते हैं। सत्र के अंत में एक्सचेंज की ओर से निर्धारित क्लोजिंग प्रक्रिया भी हो सकती है। इन चरणों का समय और व्यवस्था हर साल जारी किए गए आधिकारिक शेड्यूल पर निर्भर करती है।
दिवाली पर शेयर खरीदना क्यों मानते हैं शुभ?
दिवाली को मां लक्ष्मी की पूजा, धन-समृद्धि और आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। इसी कारण कई निवेशक इस दिन शेयर बाजार में छोटी खरीदारी करके नए निवेश की शुरुआत करना पसंद करते हैं।
कुछ लोग लंबे समय के लिए अच्छी कंपनियों के शेयर खरीदते हैं, जबकि कुछ निवेशक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर कारोबार करते हैं। हालांकि, मुहूर्त ट्रेडिंग में भाग लेना पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय है और इसमें निवेश करना अनिवार्य नहीं है
क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में मुनाफा होना तय है?
मुहूर्त ट्रेडिंग को शुभ अवसर माना जाता है, लेकिन इससे मुनाफे की कोई गारंटी नहीं मिलती। शेयर बाजार में कीमतें कंपनी के प्रदर्शन, आर्थिक परिस्थितियों, निवेशकों की मांग और अन्य कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए केवल शुभ मुहूर्त के आधार पर शेयर खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।
निवेशकों को किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले उसकी वित्तीय स्थिति, कारोबार और भविष्य की संभावनाओं का आकलन करना चाहिए। अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश करना और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना जरूरी है।
कई दशकों से चली आ रही है परंपरा
मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार की पुरानी परंपराओं में से एक मानी जाती है। यह परंपरा भारतीय संस्कृति और आधुनिक वित्तीय बाजार के बीच एक अनूठा संबंध दर्शाती है। हालांकि, इसे ठीक 70 साल पुरानी बताने के लिए ऐतिहासिक स्रोत की पुष्टि जरूरी है।
दिवाली के अवसर पर होने वाला यह विशेष सत्र निवेशकों को बाजार से जुड़ने का अवसर देता है। हर साल इसकी तारीख और समय संबंधित एक्सचेंजों की आधिकारिक घोषणा के अनुसार तय होता है।
कब होगी मुहूर्त ट्रेडिंग?
मुहूर्त ट्रेडिंग की तारीख और समय के संबंध में आधिकारिक जानकारी NSE और BSE की घोषणा से सत्यापित की जानी चाहिए। खबर में 8 नवंबर और दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक का समय बताए जाने से पहले इसकी पुष्टि जरूरी है, क्योंकि विशेष सत्र का समय हर साल बदल सकता है।