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बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, 23 अक्टूबर को जगदलपुर में होगा आयोजन…

छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा को इस वर्ष ऐतिहासिक गौरव मिलने जा रहा है।

by desk

रायपुर। छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा को इस वर्ष ऐतिहासिक गौरव मिलने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 अक्टूबर को जगदलपुर के ऐतिहासिक सिरहासार भवन में आयोजित होने वाले पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के आगमन से बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सदियों पुरानी परंपराओं और विशिष्ट सामाजिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

राष्ट्रपति भवन में मिला था बस्तर आने का आमंत्रण

जानकारी के अनुसार, बस्तर का मांझी दल और बस्तर पंडुम के विजेता राष्ट्रपति से मुलाकात करने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। इस दौरान बस्तर के प्रतिनिधियों और युवाओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में शामिल होने का आत्मीय आमंत्रण दिया था। राष्ट्रपति ने इस आमंत्रण को स्वीकार किया था और राष्ट्रपति भवन में पहुंचे अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें अपने हाथों से भोजन भी परोसा था।

 

इस मुलाकात के दौरान बस्तर के युवाओं ने अपनी संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप राष्ट्रपति का बस्तर में स्वागत करने की इच्छा जताई थी। अब राष्ट्रपति का मुरिया दरबार में शामिल होना उस आमंत्रण के साकार होने का विशेष अवसर होगा।

 

बस्तर की पारंपरिक संवाद व्यवस्था का प्रतीक है मुरिया दरबार

 

बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का अनूठा संगम है। इसी पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा मुरिया दरबार है, जो बस्तर की सदियों पुरानी पारंपरिक संवाद व्यवस्था का प्रतीक माना जाता है।

 

इस आयोजन में मांझी-चालकी और अन्य पारंपरिक प्रतिनिधियों की सहभागिता जनजातीय समाज की विशिष्ट सामाजिक व्यवस्था को दर्शाती है। यह परंपरा सामूहिक भागीदारी, आपसी संवाद और सांस्कृतिक मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर बस्तर में उत्साह

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन को लेकर जनजातीय समाज, मांझी-चालकी और बस्तर दशहरा से जुड़े पारंपरिक प्रतिनिधियों में उत्साह है। इस ऐतिहासिक अवसर पर बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, गौरवशाली परंपराओं और क्षेत्र में हो रहे बदलावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, बस्तर दशहरा समिति के सदस्यों तथा पारंपरिक पदाधिकारियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

राष्ट्रपति की सहभागिता से मुरिया दरबार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। यह आयोजन बस्तर की जनजातीय विरासत और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।

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