अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो महिलाओं समेत चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अदालत में पेशी के बाद उन्हें तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया गया। पीटीआई के मुताबिक पकड़े गए लोगों में हरियाणा के सोनीपत के कुणाल (21) और सुमित (19) और उत्तर प्रदेश की राधा (23) और बबीता (23) हैं।
चारों को बीएनएसएस की धारा 35(1)(b) के तहत अदालत में पेश किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) ने औपचारिक गिरफ्तारी की अपील की और अदालत ने उसे मंजूर कर लिया।
साजिश कैसे रची गई
पुलिस को संदेह है कि सभी आरोपी विदेश से सक्रिय गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर काम कर रहे थे। पंडित 32 वर्षीय अमेरिकी गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का कथित सहयोगी है। कुणाल जमानत पर छूटने के बाद हरसाना गांव के एक दोस्त के जरिए उसके संपर्क में आया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप से बात करने लगा। पंडित के कहने पर कुणाल और सुमित ने अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस जुटाए।
हथियार मुंबई कैसे पहुंचा
कुणाल ने राधा को राजी किया, और 15 अक्टूबर को राधा और बबीता को नई दिल्ली स्टेशन पर छोड़ा। पिस्टल राधा के बैग में छिपी थी। दोनों 17 अक्टूबर को मुंबई पहुंचकर होटल में रुकीं। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़के ने होटल के पास राधा से बैग ले लिया।
वारदात और गिरफ्तारी
18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे टाइगर की कार पर फायरिंग की सूचना मिली। पंडित ने कुणाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंसे हैं और उनके भागने का इंतजाम करो। राधा और बबीता उसी दिन दादर-हरिद्वार एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए निकलीं। मंगलवार को उन्हें नई दिल्ली स्टेशन पर पकड़ा गया, और कुणाल व सुमित को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया।
अब तक सात गिरफ्तार
कोटा से पकड़े गए ऋतिक, रेहान और एक नाबालिग ने पुलिस को बताया कि असल निशाने पर बॉलीवुड की कोई दूसरी हस्ती थी। कड़ी सुरक्षा के कारण हमला नहीं हो सका तो दहशत फैलाने के लिए टाइगर को चुना गया। एक वीडियो से उन्हें पता चला था कि टाइगर के पास पुलिस सुरक्षा नहीं है। पुलिस ने उस हस्ती का नाम नहीं बताया है। पुलिस तीनों को कोटा से कार में मुंबई ले गई।
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