बुलंदशहर। नगर के मोहल्ला साठा धर्मपाल वाली गली निवासी रिंकू की 11 वर्षीय बेटी चारू भूतेश्वर मंदिर के सामने स्थित सुशीला पब्लिक स्कूल में कक्षा चार की छात्रा थी। 28 जुलाई को मूसलाधार बारिश के दौरान स्कूल से घर लौट रही छात्रा छह फीट गहरे खुले नाले में गिरकर बह गई। पांच दिन तक एनडीआरएफ, नगर पालिका की टीम और गोताखोर उसकी तलाश करते रहे। शनिवार को चारू का शव चावली गांव के पास नदी से बरामद हो गया।
रिंकू ने बताया कि मंगलवार को मूसलाधार बारिश के दौरान दोपहर करीब 12.30 बजे स्कूल के शिक्षकों ने उसे अकेला घर भेज दिया। जब बेटी करीब दो फीट गहरे पानी से होकर घर की ओर जा रही थी तो एक दुकान के सामने खुले नाले में गिर गई और तेज बहाव के कारण बह गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक दुकानदार ने चारू को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण उसका हाथ छूट गया। चारू के बड़े भाई 17 वर्षीय गगन को मां ने स्कूल से लेने के लिए भेजा था। गगन स्कूल पहुंचने से पहले ही चारू मंदिर के पास दुकान के स्लैब पर खड़ी थी। गगन पहुंचने ही वाला था कि अचानक चारू नाले में गिर गई और बह गई। बहन को आंखों के सामने बहता देख गगन ने शोर मचाया, लेकिन तब तक चारू लापता हो चुकी थी।
मौके पर पहुंचे परिजनों और लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और नगर पालिका की टीम ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम पहुंची और काली नदी में तलाश शुरू की। नाले की गहराई छह फीट और चौड़ाई करीब तीन फीट से अधिक बताई गई है।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि बारिश के दौरान भी छात्रा को अकेला घर भेज दिया गया। नगर पालिका पर आरोप है कि समय पर नालों की सफाई न होने और खुले नालों को ढका न जाने के कारण यह हादसा हुआ।