नई दिल्ली। NEET PG 2026 को लेकर एक बार फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। 2445 उम्मीदवारों के लिए प्रस्तावित री-एग्जाम को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है। इस मामले के सामने आने के बाद उन मेडिकल उम्मीदवारों की चिंता बढ़ गई है, जिनका भविष्य इस परीक्षा के परिणाम से जुड़ा हुआ है।
क्यों कराया जा रहा है री-एग्जाम
NEET PG की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवाद के बाद कुछ उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का प्रस्ताव सामने आया है। री-एग्जाम का दायरा करीब 2445 उम्मीदवारों तक बताया जा रहा है।
याचिका में री-एग्जाम कराने की प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
उम्मीदवारों के सामने क्या है परेशानी
NEET PG के जरिए मेडिकल स्नातक देशभर के विभिन्न मेडिकल संस्थानों में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं। ऐसे में परीक्षा की प्रक्रिया में बदलाव का सीधा असर उम्मीदवारों की आगे की पढ़ाई और करियर पर पड़ सकता है।
री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों की भी नजर अब अदालत की सुनवाई पर है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2445 उम्मीदवारों के लिए प्रस्तावित री-एग्जाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट क्या रुख अपनाता है। अदालत की कार्यवाही के बाद परीक्षा की आगे की प्रक्रिया को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।
उम्मीदवारों को सलाह है कि वे NEET PG से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और किसी भी वायरल खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
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