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चंडीगढ़ का दम: दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के 111 शोधकर्ता…

चंडीगढ़ के 111 शोधकर्ताओं को दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में जगह मिली है।

by desk

चंडीगढ़ के 111 शोधकर्ताओं को दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में जगह मिली है। यह उपलब्धि उनके शोध के दम पर वैश्विक पहचान के रूप में देखी जा रही है।

संस्थानवार ब्योरा

पीजीआई के 55 वैज्ञानिक वार्षिक शोध प्रभाव की श्रेणी में शामिल हैं, जबकि 21 को पूरे करियर के शोध प्रभाव पर आधारित लाइफटाइम श्रेणी में जगह मिली है। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के 54 शोधकर्ता वार्षिक और 28 लाइफटाइम श्रेणी में हैं। दोनों श्रेणियों के आंकड़े जोड़ने पर संख्या 111 से ज्यादा बैठती है। इसकी वजह यह हो सकती है कि कुछ शोधकर्ता दोनों सूचियों में हैं, पर समाचार में इसका खुलासा नहीं है।

यह सूची क्या है

इस तरह की सूची में दुनिया के सबसे ज्यादा उद्धृत वैज्ञानिकों को गिना जाता है। इसे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी तैयार करती है और इसके लिए एल्सेवियर का स्कोपस डेटा इस्तेमाल होता है। डेटाबेस का नाम “अपडेटेड साइंस-वाइड ऑथर डेटाबेस ऑफ स्टैंडर्डाइज्ड साइटेशन इंडिकेटर्स” है। स्टैनफोर्ड दो अलग सूचियां जारी करता है। एक पूरे करियर के प्रदर्शन पर आधारित होती है और दूसरी किसी एक वर्ष के प्रदर्शन पर। इसी वजह से चंडीगढ़ की खबर में “वार्षिक” और “लाइफटाइम” दो श्रेणियां गिनाई गई हैं। (cuhk) (careers360)

भारत के संदर्भ में

पिछले संस्करण में दुनिया भर के 2,10,199 शीर्ष वैज्ञानिकों में भारत के 4,635 शोधकर्ता थे, यानी करीब 2.2%। अब भी देश के कई संस्थान अपने शोधकर्ताओं की ऐसी उपलब्धियां घोषित करते हैं।

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