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छत्तीसगढ़ में बिजली की मांग 6300 मेगावाट तक पहुंची, 10 रुपये यूनिट तक खरीदी जा रही बिजली

by desk

देशभर में बिजली की बढ़ती मांग के बीच छत्तीसगढ़ में आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती, पीक आवर्स में पावर एक्सचेंज से 700 मेगावाट तक अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। उमस भरे मौसम, कृषि पंपों के बढ़ते संचालन और एयर कंडीशनर सहित अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक इस्तेमाल के कारण प्रदेश में बिजली की खपत बढ़कर करीब 6300 मेगावाट तक पहुंच गई है। बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए बिजली कंपनी अतिरिक्त बिजली खरीद रही है। जरूरत पड़ने पर पावर एक्सचेंज से 10 रुपये प्रति यूनिट तक की दर पर बिजली खरीदी जा रही है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर के अनुसार, रविवार शाम पीक आवर्स के दौरान प्रदेश में बिजली की मांग लगभग 6300 मेगावाट तक पहुंच गई। मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। कंपनी का प्रयास है कि घरेलू, कृषि, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराई जा सके।

10 रुपये प्रति यूनिट तक खरीदनी पड़ रही बिजली

बिजली की बढ़ती मांग केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। देश के विभिन्न राज्यों में भी बिजली की जरूरत बढ़ने से अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में पावर एक्सचेंज से बिजली खरीदना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि प्रदेश में मांग के अनुसार अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पावर एक्सचेंज से बिजली खरीदी जा रही है, जिसकी मात्रा जरूरत के मुताबिक लगभग 100 से 700 मेगावाट तक रहती है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर बिजली 10 रुपये प्रति यूनिट तक की दर से भी खरीदनी पड़ रही है।

दूसरे राज्यों से भी ली जा रही बिजली

बिजली कंपनी के मुताबिक, पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश से 200 मेगावाट बिजली प्राप्त की गई थी। इसके अलावा, दूसरे राज्यों में उपलब्ध अतिरिक्त बिजली का लाभ भी पावर एक्सचेंज के माध्यम से उठाया जा रहा है। हाल के दिनों में हरियाणा में बारिश के कारण उपलब्ध अतिरिक्त बिजली छत्तीसगढ़ को भी मिली।

देशभर में एक साथ बिजली की मांग बढ़ने से अतिरिक्त बिजली खरीदने के विकल्प सीमित हो रहे हैं। पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत कई राज्यों में भी बिजली की उपलब्धता पर दबाव बताया जा रहा है। इस स्थिति में बिजली का उचित प्रबंधन और मांग के अनुसार अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है।

कृषि पंप और कूलिंग उपकरण बढ़ा रहे खपत

छत्तीसगढ़ में बिजली की मांग बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। धान की फसल के लिए कृषि पंपों का लगातार संचालन हो रहा है। वहीं, उमस भरे मौसम के कारण घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर, कूलर तथा अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ा है।

इन वजहों से खासकर शाम के पीक आवर्स में बिजली की मांग अधिक बनी हुई है। बिजली कंपनी उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के साथ अतिरिक्त बिजली खरीदकर मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रही है।

मौसम में ठंडक आने पर घट सकती है बिजली की मांग

मौसम में बदलाव के साथ बिजली की खपत में कमी आने की उम्मीद है। उमस और गर्मी कम होने पर एयर कंडीशनर तथा अन्य कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल घट सकता है। इससे बिजली की मांग पर दबाव कम होने की संभावना है।

हालांकि, मौसम में ठंडक आने तक बिजली की मांग ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। ऐसे में कंपनी मांग और उपलब्धता की लगातार निगरानी कर रही है। बिजली आपूर्ति के साथ विद्युत ग्रिड की सुरक्षा और संतुलन बनाए रखना भी प्राथमिकता है।

फिलहाल प्रदेश में बिजली की मांग करीब 6300 मेगावाट तक पहुंचने के बीच अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था जारी है। आने वाले दिनों में मौसम और बिजली की खपत में होने वाला बदलाव आपूर्ति की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

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