रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने तकनीकी विकास, औद्योगिक निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 500 करोड़ के आर्टिफिशियलइंटेलिजेंस (AI) मिशन को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही राज्य के पहले हेवी इक्विपमेंट (भारी मशीनरी) निर्माण संयंत्र की स्थापना को भी हरी झंडी मिल गई है।
सरकार का कहना है कि AI मिशन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को नई तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाना है। इस मिशन के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, ई-गवर्नेंस और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाया जाएगा। युवाओं को AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें।
मंत्रिमंडल ने राज्य के पहले हेवी इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र की स्थापना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना के शुरू होने से खनन, निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों में उपयोग होने वाली भारी मशीनों का निर्माण राज्य में ही किया जा सकेगा। इससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, इन दोनों परियोजनाओं से राज्य में निवेश बढ़ेगा, स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ तकनीक एवं विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र में नई पहचान बना सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI मिशन को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।