Home » Blog » दिवाली पर ऑनलाइन शॉपिंग करते समय रहें सावधान! इन 10 साइबर फ्रॉड से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानें बचाव के 6 जरूरी नियम…

दिवाली पर ऑनलाइन शॉपिंग करते समय रहें सावधान! इन 10 साइबर फ्रॉड से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानें बचाव के 6 जरूरी नियम…

दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म तक आकर्षक ऑफर्स की भरमार हो जाती है। ब

by desk

नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म तक आकर्षक ऑफर्स की भरमार हो जाती है। बड़ी छूट, कैशबैक, गिफ्ट वाउचर और सस्ते सामान के लालच में लोग जमकर खरीदारी करते हैं। लेकिन साइबर अपराधी भी इसी मौके का फायदा उठाने की फिराक में रहते हैं। एक छोटी सी गलती आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है। फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट और डिजिटल पेमेंट के जरिए साइबर ठग लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।

दिवाली पर होने वाले 10 प्रमुख साइबर फ्रॉड

1. फर्जी दिवाली ऑफर: सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर भारी छूट वाले लिंक भेजे जाते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है।

2. नकली शॉपिंग वेबसाइट: ठग नामी कंपनियों जैसी दिखने वाली वेबसाइट बनाकर सस्ते सामान का लालच देते हैं। पेमेंट के बाद सामान नहीं मिलता।

3. फर्जी गिफ्ट वाउचर: दिवाली पर मुफ्त गिफ्ट या हजारों रुपये के वाउचर का लालच देकर बैंकिंग जानकारी मांगी जाती है।

4. UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट: पैसे प्राप्त करने के नाम पर UPI पेमेंट रिक्वेस्ट भेजी जाती है। उसे स्वीकार करते ही खाते से पैसे कट सकते हैं।

5. QR कोड स्कैम: पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करने को कहा जाता है। ध्यान रखें, QR कोड स्कैन करके और UPI PIN डालकर आप पैसे भेजते हैं।

6. फर्जी कस्टमर केयर: साइबर अपराधी इंटरनेट पर नकली कस्टमर केयर नंबर डालते हैं। सहायता के नाम पर OTP और बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर लेते हैं।

7. APK फाइल फ्रॉड: दिवाली ऑफर, गिफ्ट या सरकारी योजना के नाम पर APK फाइल भेजी जाती है। इसे इंस्टॉल करने से मोबाइल और निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है।

8. फर्जी डिलीवरी मैसेज: पार्सल रोकने या डिलीवरी पूरी करने के नाम पर लिंक भेजा जाता है। इसके जरिए बैंकिंग जानकारी चुराई जा सकती है।

9. सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग: परिचित व्यक्ति या रिश्तेदार के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर पैसों की मांग की जाती है।

10. स्क्रीन शेयरिंग स्कैम: ठग तकनीकी सहायता के नाम पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाते हैं और मोबाइल पर होने वाली बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।

साइबर फ्रॉड से बचने के 6 थंब रूल

1. अनजान लिंक पर क्लिक न करें: दिवाली ऑफर या गिफ्ट के नाम से आए संदिग्ध लिंक को खोलने से बचें।

2. OTP और UPI PIN किसी को न बताएं: बैंक कर्मचारी भी आपसे OTP, PIN या पासवर्ड नहीं मांगते।

3. आधिकारिक वेबसाइट से खरीदारी करें: ऑनलाइन सामान खरीदने से पहले वेबसाइट का URL और उसकी विश्वसनीयता जांचें।

4. QR कोड सोच-समझकर स्कैन करें: पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।

5. मोबाइल में अनजान ऐप इंस्टॉल न करें: किसी भी APK फाइल या स्क्रीन शेयरिंग ऐप को अनजान व्यक्ति के कहने पर डाउनलोड न करें।

6. बैंकिंग अलर्ट चालू रखें: SMS और बैंक ऐप के नोटिफिकेशन पर नजर रखें। संदिग्ध लेनदेन दिखने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें।

साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

अगर आपके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा आधिकारिक वेबसाइट https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। बैंक को भी तुरंत सूचना दें, ताकि संदिग्ध लेनदेन पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

त्योहार की खुशियों में न लगने दें साइबर ठगी का ग्रहण

दिवाली खुशियों और खरीदारी का त्योहार है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए आकर्षक ऑफर्स के पीछे भागने से पहले उनकी सच्चाई जांचें। याद रखें, सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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