रायपुर। प्रदेशभर के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को नया रायपुर स्थित संचालनालय इंद्रावती भवन के बाहर प्रदर्शन किया। ‘एक मांग, एक मंच’ अभियान के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में 55 कर्मचारी संगठनों की मांगों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व डॉ. डीपी मनहर, करत सिंह अटेरिया, जयनारायण श्रीवास्तव, अनिल शुक्ला, गोपाल साहू, अनिल पांडेय, महेंद्र सिंह राजपूत और सुजान बिंद समेत अन्य कर्मचारी नेताओं ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
30 अक्टूबर को मंत्रालय घेराव की चेतावनी
कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने 30 अक्टूबर को मंत्रालय यानी महानदी भवन के घेराव की चेतावनी दी है। प्रदर्शन का संचालन विधायकभूषण दुबे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जितेंद्र सिंह ने किया।
कर्मचारियों ने रखीं कई प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की तर्ज पर अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने, नगरीय निकाय के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू करने और स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति को पूरी तरह समाप्त करने की मांग उठाई।
इसके अलावा नियमित कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए मध्यप्रदेश की तर्ज पर 20 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा लागू करने की मांग भी रखी गई।
कर्मचारियों ने जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता जारी करने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
कर्मचारियों का कहना
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से कई मांगें लंबित हैं। सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
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