रायपुर। देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल इंफोसिस के शेयर में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को गिरावट दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध बाजार विवरण के मुताबिक, कंपनी का शेयर पिछले बंद भाव 1,166 रुपये से लगभग 2.5 प्रतिशत नीचे 1,136.85 रुपये पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की जांच और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व वृद्धि के अनुमान में कटौती को लेकर निवेशकों की चिंता इस गिरावट के संभावित कारण बताए गए हैं।
इंफोसिस के शेयर का क्या रहा हाल?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कारोबारी सत्र में इंफोसिस का शेयर 1,151.95 रुपये पर खुला। इस दौरान शेयर ने 1,154.65 रुपये का उच्च स्तर और 1,131.05 रुपये का निचला स्तर छुआ। रिपोर्ट तैयार किए जाने तक लगभग 14.05 लाख शेयरों का कारोबार होने की जानकारी दी गई थी।
ये आंकड़े संबंधित समय के कारोबारी विवरण पर आधारित हैं। शेयर बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं, इसलिए इन्हें लाइव भाव नहीं माना जाना चाहिए।
FY27 के राजस्व अनुमान में क्यों हुई कटौती?
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, इंफोसिस ने दूसरी तिमाही के नतीजों के दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्थिर मुद्रा आधार पर राजस्व वृद्धि का अनुमान घटाकर 1 से 2 प्रतिशत कर दिया था। पहले कंपनी का अनुमान 1.5 से 3 प्रतिशत था।
राजस्व वृद्धि के अनुमान में कटौती से बाजार में कंपनी की भविष्य की कारोबारी संभावनाओं को लेकर सवाल उठ सकते हैं। चुनौतीपूर्ण मांग और कीमतों पर दबाव को इसके पीछे बताए गए कारणों में शामिल किया गया है। हालांकि, निवेशकों के फैसले केवल एक वित्तीय संकेतक पर निर्भर नहीं करते।
अमेरिकी DOJ जांच और H-1B वीजा का मामला
रिपोर्ट में अमेरिकी न्याय विभाग की H-1B वीजा से जुड़ी जांच का भी उल्लेख किया गया है। अमेरिकी बाजार इंफोसिस जैसी आईटी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए वीजा नियमों, कर्मचारियों की नियुक्ति और नियामकीय जांच से जुड़ी खबरें निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर सकती हैं।
एक अलग रिपोर्ट में इंफोसिस सहित कुछ आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों के खिलाफ जांच और अमेरिकी श्रम विभाग के PERM कार्यक्रम से संबंधित कार्रवाई का उल्लेख किया गया था। इन मामलों की स्थिति, दायरे और संभावित प्रभाव को समझने के लिए संबंधित अमेरिकी एजेंसियों तथा कंपनी की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है। जांच या आरोप को अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं माना जाना चाहिए।
दूसरी तिमाही में मुनाफा और बड़े सौदे रहे सकारात्मक
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इंफोसिस का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 6.23 प्रतिशत बढ़कर 7,823 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा कंपनी को दूसरी तिमाही में लगभग 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे मिलने की जानकारी दी गई।
इन आंकड़ों से कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन के कुछ सकारात्मक पहलू सामने आते हैं। हालांकि, शेयर की कीमत पर भविष्य की वृद्धि, मार्जिन, मांग, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की उम्मीदों का भी असर पड़ता है।
क्या इंफोसिस के शेयर में आगे भी गिरावट आएगी?
शेयर में आगे की दिशा का निश्चित अनुमान लगाना संभव नहीं है। निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक वित्तीय नतीजों, संशोधित मार्गदर्शन, अमेरिकी जांच से जुड़ी प्रमाणित जानकारी और बाजार की स्थितियों का विश्लेषण करना चाहिए। केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर खरीदने या बेचने का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।